
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 8, 2022 1:05 AM IST
Non-surgical ways to lose weight: मोटापा ना केवल हमारे देश बल्कि पूरी दुनिया में एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है। अधिक वजन या मोटापे को गम्भीर या खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि, स्वास्थ्य पर इसके बहुत बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। मोटापे से कई घातक बीमारियों का रिस्क बढ़ सकता है जैसे कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां, फैटी लिवर डिज़िज़, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज। वहीं, डबल चिन और घुटनों का दर्द जैसी रोज़मर्रा की जिंदगी में महसूस होने वाली मामूली लेकिन तकलीफदेह समस्याओं की वजह भी मोटापा ही हो सकता है। जबकि, कई लोगों में डिप्रेशन (depression), एंग्जायटी (anxiety) और आत्म-विश्वास की कमी (low self-esteem) जैसी मानसिक समस्याओं की वजह भी मोटापा बन सकता है।
भारत में मोटापे की समस्या की बात की जाए तो नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (National Family Health Survey-5) के अनुसार, हमारे देश में लगभग 25 प्रतिशत लोग मोटापे की चपेट में हैं। इसका अर्थ है कि हर चौथा व्यक्ति मोटापे से पीड़ित है। इन आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में महिलाओं में मोटापा 4 प्रतिशत तो पुरुषों में 4 प्रतिशत अधिक तेजी से बढ़ा है।

वजन को बढ़ने से रोकने के लिए जहां हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित खान-पान और अच्छी मेंटल हेल्थ की ज़रूरत होती है वहीं बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए भी सही और हेल्दी तरीके अपनाना महत्वपूर्ण है। मोटापे से राहत पाने के लिए कुछ समय से वेट लॉस सर्जरी कराने का चलन भी बढ़ा है। हालांकि, किसी भी प्रकार की सर्जरी कराने से पहले एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों से विचार-विमर्श करना महत्वपूर्ण है क्योंकि, बिना डॉक्टरी सलाह के सर्जरी कराना किसी भी व्यक्ति के लिए घातक साबित हो सकता है। इसका एक बड़ा उदाहरण कन्नड भाषा की टीवी इंडस्ट्री की अभिनेत्री चेतना राज (Kannada Actress Chethana Raj death)का मामला भी है जिनकी वेट लॉस सर्जरी के दौरान मौत हो गयी थी।
वजन कम करने के लिए आमतौर पर जिन सर्जिकल मेथड्स की मदद ली जाती है उनमें बेरियाट्रिक सर्जरी (bariatric surgery) प्रमुख है। लेकिन, एक्सपर्ट्स के अनुसार एक्स्ट्रा वजन को कम करने के लिए सर्जरी की सलाह केवल उन्हीं लोगों को दी जाती है जिनके लिए नेचुरल तरीकों से वजन कम करना नामुमकिन हो सकता है। जबकि, नेचुरल तरीके से वजन कम करने के कई सेफ और असरदार तरीके हमारे आसपास उपलब्ध हैं। इन तरीकों को सेफ इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये तरीके अपनाने से धीरे-धीरे वजन कम होता है और वजन नियंत्रित होने के साथ -साथ फिजिकल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, स्किन टेक्सचर और इमोशनल हेल्थ में भी सुधार होता है।
रोजमर्रा के खान-पान में फैट, कार्बोहाइड्रेट्स, नमक, शक्कर और प्रोसेस्ड् फूड्स की मात्रा कम करें। इसकी बजाय, डाइटरी फाइबर युक्त हरी सब्जियां, फलों, साबुत अनाज और हेल्दी प्रोटीन का सेवन कर वजन को बढ़ने से रोका जा सकता है।

योग्य ट्रेनर की देखरेख में विभिन्न योगासनों का अभ्यास करने से ना केवल वेट लॉस करने में लोगों को मदद होती है। बल्कि, इससे शरीर के उन हिस्सों में जमा फैट्स को घटाना भी आसान हो सकता है जिन्हें प्रॉब्लम एरिया माना जाता है। हालांकि, योगासनों के अभ्यास का फायदा तभी हो सकता है जब इसका सही तरीके से अभ्यास किया जाए और किसी जानकार व्यक्ति की देखरेख में योग किया जाए।
यह वजन को बढ़ने से रोकने का एक महत्वपूर्ण तरीका है क्योंकि, कई लोगों का मोटापा मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी बढ़ता है। दरअसल, लोग खुश होने पर या दुखी होने पर इमोशनल इटिंग करते हैं। जिसमें हाई-फैट, हाई-कार्ब्स और हाई-कैलोरी वाले फूड्स वे खा लेते हैं। वहीं, तनाव बढ़ने पर चॉकलेट्स (chocolates), कॉफी या चाय पीने से लोगों कोआराम मिलने का अहसास है। इसी तरह अकेले रहते हुए, टीवी देखते हुए भी लोग बहुत अधिक मात्रा में खाना खा लेते हैं। इन सबसे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

जब बात हेल्दी वेट मेंटेन करने की हो तो पानी (Water) का सेवन इस लिहाज से बहुत कारगर साबित हो सकता है। विभिन्न स्टडीज और रिसर्च में भी इस प्रकार के दावे किए गए हैं कि जो लोग दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं उन्हें वेट मेटेंन करने में सहायता हो सकती है। पानी एक जीरो कैलोरी (calories) ड्रिंक है जो स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभकारी साबित हो सकता है। दिनभर में बार-बार या अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर की मेटाबॉलिक रेट (metabolism of body) बढ़ती है। इसी तरह भोजन करने से पहले पानी पीने से भी वजन को नियंत्रण में रखने में मदद हो सकती है।
भोजन से पहले एक से दो गिलास पानी पीने से पेट जल्दी भरता है और कैलोरी इंटेक भी कम होता है। इसी तरह शरीर में जमा विषैले और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने के लिए भी पानी पीना मददगार होता है जो शरीर को अंदर से निरोगी बनाता है और शरीर की विभिन्न कार्यप्रणालियों को भी सुचारू तरीके से काम करने में सहायता करता है जो वेट लॉस में योगदान देते हैं।( Health benefits of drinking water)

भारत सहित कई देशों में कई त्योहारों और कुछ विशेष तिथियों पर अलग-अलग प्रकार से व्रत रखे जाते हैं। जिनमें, आधे दिन का उपवास, फलाहार, पूरे दिन का उवपास या बिना पानी का व्रत (निर्जला व्रत) जैसे तरीके भारतीय लोगों द्वारा अपनाए जाते हैं। इन सबका प्रभाव पाचनतंत्र और शरीर के मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है जो वेट लॉस में सहायता कर सकते हैं। (health benefits of Fasting)
वहीं, इंटरमिटेंट फास्टिंग जैसे पुराने लेकिन हाल ही में लोकप्रिय तरीकों को भी वेट लॉस के लिए खूब पसंद किया जा रहा है। कुछ स्टडीज में पाया गया है कि,इंटरमिंटेंट फास्टिंग (intermittent fasting) या एक-दो दिन बाद नियमित फास्टिंग (alternate day fasting) करने वाले लोगों को ना केवल वजन कम करने में सहायता होती है बल्कि, इससे हेल्दी वेट मैनेज करना भी आसान होता है।
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