... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Updated : August 3, 2019 1:32 PM IST
हाल ही में हुए शोध में यह सामने आया है कि ब्रेस्ट कैंसर और बाउल कैंसर से लड़ने में मोटापा मुश्किल खड़ी कर सकता है। जिसका डर महिलाओं में सबसे ज्यादा है।
हाल ही में हुए शोध में यह सामने आया है कि ब्रेस्ट कैंसर और बाउल कैंसर से लड़ने में मोटापा (Obesity hazards) मुश्किल खड़ी कर सकता है। जिसका डर महिलाओं (Obesity hazards) में सबसे ज्यादा है।
मोटापा यूं भी कई तरह की बीमारियों का कारण है। पर हाल ही में हुए एक नए शोध में यह सामने आया है कि अगर आप एक साल तक भी ओवर वेट रहती हैं तो ब्रेस्ट कैंसर अथवा बाउल कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। सिर्फ इतना ही नहीं अगर आप इनमें से किसी भी बीमारी का इलाज करवा रहीं हैं तो मोटापे के कारण आपके ठीक होने की संभावना 4 फीसदी तक कम हो जाती है।
वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड ने इस स्टडी के लिए 20 से 50 वर्ष की आयु के बीच की 47 हजार महिलाओं को लिया। इसमें इन महिलाओं के वजन को रेकॉर्ड मेनटेन किया गया। इनमें से करीब 1,500 महिलाओं को मेनॉपॉज के बाद या तो ब्रेस्ट कैंसर हो गया या फिर वे बाउल कैंसर का शिकार हो गयीं।
ग्रेट ब्रिटेन में बाउल कैंसर चौथा सबसे सामान्य कैंसर है। वहां हर साल करीब 55 हजार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर पाया जाता है, जिनमें से 11,500 की हर साल मौत हो जाती है। वहां दो-तिहाई लोग या तो मोटापे के शिकार हैं। यही कारण है कि जहां पहले स्मोकिंग चार मुख्य कैंसरों का कारण था, वहीं अब इसकी जगह मोटापे ने ले ली है।
स्वीडन के इस शोध की मुख्य लेखिका डॉ. इसाबेल कहती हैं कि महिलाओं को मोटापे और अधिक वजन से बचने की कोशिश जल्द से जल्द शुरू कर देनी चाहिए। क्योंकि शोध में बहुत ही डराने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रत्येक वर्ष अधिक वजन के कारण महिलाओं में बाउल कैंसर से बचने की संभावना 4 फीसदी और ब्रेस्ट कैंसर से बचने की संभावना 3 फीसदी कम हो जाती है।
Occupational cancer : इस तरह का काम करने वालों को सौ गुना होता है कैंसर का खतरा
Prostate cancer diet : प्रोस्टेट कैंसर में न करें इन चीजों का सेवन