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नवरात्री 9 रातों 10 दिनों का त्योहार है। इन 9 रातों में देवी दुर्गा से जुड़ी कहानियों के आधार पर उनका श्रृंगार होता है। इसी तरह लोग अपने कपड़ों में भी इन रंगों (Effects of Colors on mind) को शामिल करने की कोशिश करते हैं। अब तो कॉर्पोरेट ऑफिसेस में भी इन रंगों के आधार पर थीम बनायी जाती है औऱ लोग उसी थीम के आधार पर कपड़े पहनकर आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन रंगों का हमारी सेहत भी कनेक्शन है। (Effects of Colors on our Mind and health)
हमारे आसपास के परिसर में मौजूद चीज़ों का रंग देखकर हमारे दिमाग को एक विशिष्ट संदेश मिलता है। इन रंगों का हम पर मानसिक, भावनात्मक और साइकोलॉजिकल प्रभाव पड़ता है। इसीलिए अलग-अलग रंग देखकर हमारी भावनाएं अलग-अलग तरीके से उत्तेजित होते हैं, और इन भावनाओं के आधार पर हमारा मूड बनता और बिगड़ता है।
लाल रंग: रेड या लाल रंग जीवन, ऊर्जा और उन्माद का प्रतिक माना जाता है। साथ ही इस प्यार का रंग भी कहा जाता है। लाल रंग को देखकर शरीर में एनर्जी का संचार होता है, एक्टिविटी बढ़ती है और हम फूर्ति महसूस करते हैं।
पीला रंग: स्ट्रेस और डिप्रेशन कम करने के लिए पीले रंग को प्रभावी माना जाता है। यह उम्मीद का रंग है। साथ ही यह खुशहाली का भी रंग माना जाता है।
सफेद रंग: शांति के प्रतिक सफेद रंग से एंग्जायटी और स्ट्रेस कम होता है।
हरा रंग: हरी घास पर नंगे पैर चलने की हेल्थ टिप आपको भी कई लोगों ने दी ही होगी। जी हां, ग्रीनरी और हरा रंग हमारी आंखों की सेहत को सुधारते हैं। इस रंग को देखने से भी मन शांत होता है और सम्पन्नता प्राप्त करने वाली खुशी भी मिलती है।
केसरिया रंग: ऑरेंज या केसरिया रंग ऊर्जा का प्रतिक है। यह चटक पीले या लाल रंगों की तुलना में अधिक प्रेरणादायक माना जाता है। यह एक एंटी-डिप्रेसेंट रंग है जो खुशी देने के साथ निराशा और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।
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