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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 9, 2020 6:12 PM IST
Mother's Day 2020: जानिए कब और क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, स्वस्थ रहने के लिए हर मां करें ये योगासन
Mother's Day 2020: मदर्स डे साल 2020 में 10 मई को मनाया जाएगा। मदर्स डे हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। पिछले साल 12 मई को मदर्स डे (Mother's Day 2020) मनाया गया था। मदर्स डे की शुरुआत को लेकर कई विशेषज्ञों के बीच मतभेद है, जिसकी वजह से कई देशों में अलग-अलग तारीख को मदर्स डे (Mother's Day 2020) मनाया जाता है। इस मौके पर बच्चे अपनी मां के साथ कुछ खास पल बिताते हैं। कई बच्चे अपनी मां को इस अवसर पर गिफ्ट देते हैं और कुछ अपनी मां के लिए पंक्तियां लिखते हैं।
इस खास दिन को बच्चे अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। मदर्स डे को (Mother's Day 2020) लेकर आप सभी के मन में ये सवाल होगा कि आखिर मदर्स डे की शुरुआत कैसे और कब हुई। इसके साथ ही मां की सेहत का ख्याल कैसें रखें। तो आज हम आपके इन सभी सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।
अक्सर मां अपने बच्चों की देखभाल करते-करते अपना ख्याल रखना भूल जाती है, ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि हम भी अपनी मां का ख्याल रखें और उनकी फिक्र करें। सेहतमंद रहने के लिए हम आपको कुछ एक्सरसाइज बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपनी मां हमेशा सेहतमंद रहने के टिप्स दे सकते हैं।
मदर्स डे की तारीख को लेकर दुनियाभर में काफी मतभेद है। बॉलीविया में 27 मई को मदर्स डे मनाया जाता है। यहां 27 मई को मदर्स डे मनाने का कारण 1812 की क्रांति है, जिसमें स्पेन की सेना ने बॉलीविन की महिलाओं की नृसंश हत्या कर दी थी, ये महिलाएं अपने देश की आजादी के लिए लड़ रही थीं। उन्हीं महिलाओं के सम्मान में यहां 27 मई को 'मदर्स डे' (Mother's Day 2020) मनाया जाता है। वहीं, ग्रीस के लोग हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाते हैं। भारत भी ग्रीस की तरह ही मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे सेलेब्रेट (Mother's Day 2020) करता है।
अमेरिका ने 1912 में मदर्स डे (Mother's Day 2020) की शुरुआत की गई थी। दूसरी ओर कुछ इतिहासकारों के अनुसार, एना जार्विस नाम की अमेरिकी कर्मचारी अपनी मां से बहुत ही प्यार करती थी। अपनी मां की वजह से उन्होंने कभी शादी नहीं की। मां की मौत होने के बाद अपना प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की, जिसके बाद 10 मई को पूरी दुनिया में मदर्स डे (Mother's Day 2020) मनाया जाने लगा।
गोमुखासन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। महिलाओं की कई समस्याओं को यह योगासन आसानी से दूर कर सकता है। जाहिर सी बात है आप अपनी मां की फिक्र करते होंगे या आप खुद एक मां हो सकती हैं। ऐसे में एक मां को स्वस्थ रहने के लिए योगासन का अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए।
गोमुखासन करने के लिए बाएं पैर को एड़ी को दाहिने नितंब के समीप रखिए और दाहिने पैर को बाईं जांघ के ऊपर रखें। घुटने एक-दूसरे के ऊपर रखें। इसके बाद बाएं हाथ को पीठ के पीछे लें। फिर दाहिने हाथ को भी दाहिने कंधे पर से पीछे ले जाएं। हाथों को परस्पर एक-दूसरे से बांध लें। इस बात का ध्यान रहे कि गर्दन सीधी रहे। आप अपनी सुविधानुसार तीस सेकंड से एक मिनट तक हाथों के पंजों को पीछे पकड़े रख सकते हैं। अब एक ओर से करने के पश्चात दूसरी ओर से इसी प्रकार करें।
इस आसन से कई तरह के स्वास्थ लाभ होते हैं। यदि आप रोजाना इस आसन का अभ्यास करते हैं, तो इससे आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होगा। इसके साथ ही सर्वांगासन से संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिल सकता हैं।
इस आसान को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। फिर अपने हाथों को धड़ के बगल में रखें और हथेलियां नीचे। इसके बाद सांस अंदर लेते हुए अपने पैरों को सीधा ऊपर उठाएं। अपनी हथेलियों से कमर को सहारा दें। इस स्थिति में सीधा रहते हुए सारा वजन कंधों पर डालना हैं। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर और पैरों को नीचे लाएं।
इस योगासन पैरों की मांस-पेशियों को मजबूत करने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही इस आसन से रीढ़ और पेट को स्वस्थ रखने में भी हमें मदद मिलती है। नियमित रूप से इस आसन को करने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। फिर दोनों पैरों को एक दूसरे से कुछ दूर रखते हुए खड़े रहें और फिर हाथों को सिर के ऊपर उठाते हुए सीधाकर हथेलियों को मिला दें। इसके बाद दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए उसके तलवे को बाईं जांघ पर टिका दें। इस स्थिति के दौरान दाहिने पैर की एड़ी गुदाद्वार-जननेंद्री के नीचे टिकी होगी। बाएं पैर पर संतुलन बनाते हुए हथेलियां, सिर और कंधे को सीधा एक ही सीध में रखें। एकाग्र रहते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें। सामान्य गति से सांस लें और सामने दिख रही किसी भी चीज पर अपना ध्यान केंद्रित करें। वृक्षासन (Vrikshasana for Mothers) का संपूर्ण लाभ तभी मिलेगा जब आप अपने मन को यहां एकाग्र कर पाएं।