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बरसात में होता है इस बीमारी का खतरा, रखें 4 बातों का ख्याल नहीं पडेंगे बीमार

बरसात में भींगने से हमेशा इंफेक्शन और बुखार का डर बना रहता है। इससे बचने के उपाय अगर सही तरीके से किये जाय तो बरसात में भीगने का मजा लिया जा सकता है।

बरसात में होता है इस बीमारी का खतरा, रखें 4 बातों का ख्याल नहीं पडेंगे बीमार

Written by akhilesh dwivedi |Updated : July 20, 2018 5:24 PM IST

मानसून में सबसे अच्छा काम युवाओं और बच्चों को कुछ लगता है तो वह है बरसात में भीगना और मस्ती करना। बरसात में भीगना और मस्ती करना तो अच्छा लगता है लेकिन कुछ लोगों को यह बीमार भी कर देता है। बच्चों को भी बरसात में खेलने में बहुत मजा आता है। बच्चे भी भीगनें के बाद अगर सावधानी नहीं रखते हैं तो वो बीमार पड़ जाते हैं। बरसात में भीगने से हमेशा इंफेक्शन और बुखार का डर बना रहता है। इससे बचने के उपाय अगर सही तरीके से किये जाय तो बरसात में भीगने का मजा लिया जा सकता है।

स्वस्तिक मेडिकल सेंटर, वसुंधरा के कंसल्टेंट फिजिशियन एण्ड डायबेटोलॉजिस्ट डॉक्टर राहुल गुप्ता के बताते हैं कि "मानसून के मौसम में भीगने के कारण होने वाला बुखार एक तरह से फ्लू की बीमारी कही जाती है। यह जानलेवा बीमारी में नहीं आती है लेकिन बच्चों और उम्र दराज लोगों को यह परेशान कर सकता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनको अक्सर सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत बरसात में भींगने की वजह से हो जाती है।"

सफाई का रखें विशेष ख्याल 

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बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा इंफेक्शन से होता है। इंफेक्शन की वजह से सर्दी-जुकाम और फ्लू होने का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए हमेशा साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। खान खाते समय हाथों को धुलना न भूलें।

नियमित वर्कआउट 

कोई भी मौसम हो वर्कआउट का महत्व हमेशा रहता ही है। अगर आप रोजाना वर्कआउट करते हैं तो आप शारिरिक रूप से एक्टिव रहते हैं और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है और आप छोटे-मोटे इंफेक्शन से बीमार नहीं पड़ते हैं।

खान-पान का रखें ध्यान 

इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए नहीं तो बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। खाना खाते समय सफाई के साथ ताजे बने खाने का ही सेवन करें। पोषकतत्व की मात्रा खाने में भरपूर हो। खाने के साथ-साथ पानी की मात्रा का भी ख्याल जरूरी है क्योंकि इस मौसम में लोग खुद को हाइड्रेट रखना भूल जाते हैं।

बीमारी में खुद न करें इलाज 

बरसात के मौसम में अक्सर सर्दी-जुकाम से शुरू होने वाला बुखार एक हफ्ते में ठीक हो जाता है लेकिन अगर बुखार की समस्या ज्यादा है तो डाक्टर की सलाह अवश्य लें। बीना डाक्टर के सलाह किसी भी प्रकार की दवाओं का सेवन करने से बचें। दर्द और बुखार की दवा लेने से पहले भी डाक्टर की सलाह अवश्य लें।

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चित्रस्रोत:Shutterstock.

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