मॉनसून देश के कई हिस्सों में पहुंच रहा है और केरल, गोवा, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में तो ज़ोरदार बरसात भी हो रही है। बहुत अधिक बारिश से हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी पर तो असर पड़ता ही है लेकिन साथ ही यह शारीरिक और मानसिक सेहत से जुड़ी हमारी परेशानियां भी बढ़ जाती है। भारी बारिश और बिजली के मौसम में घर के अंदर सुरक्षित रहने के लिए हम यहां लिख रहे हैं कुछ टिप्स जो आपके काम आ सकती हैं।:
टीवी या इंटरनेट पर लगातार मौसम का हाल पता करते रहें और रेडियो पर मौसम की रिपोर्ट सुनें।
ख़राब मौसम की वजह से अगर आप उदासी महसूस कर रहे हैं तो चाय-पकौड़े जैसी गर्मागर्म चीज़ें खाएं और सूप-काढ़ा या कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थ पीएं।
अपने फोन पर बिजली और मौसम का अनुमान लगाने वाले ऐप डाउनलोड करें। हमारे देश में एक्यूवेदर
(AccuWeather), वेदरबग (WeatherBug) जैसे ऐप काफी पसंद किए जाते हैं।
घर छोड़ने से पहले आसमान की ओर देखें और मौसम का अंदाज़ा ज़रूर लगाएं।
बरसती कपड़े और जूते बाहर निकाल कर साफ करके रखें। अगर मरम्मत की ज़रूरत हो तो जल्द से जल्द उन्हें ठीक करा लें और नये रेन गियर खरीद लें।
जब भी बारिश में भीगकर घर लौटें तो गर्म पानी से नहाएं।
साफ पानी पीएं।
अपने बच्चों को बरसात में सुरक्षा से जुड़ी बेसिक बातें ज़रूर सिखाएं।
एलर्जी और फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए अपने घर को साफ रखें।
भारी बारिश और तूफान की स्थिति में संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें।
अगर आपके इलाके में इलेक्ट्रिसिटी काट दी जाती है तो रेफ्रिजरेटर और फ़्रीज़र डोर बंद रखें। इस तरह से आपका खाना ताज़ा रह सकता है।
बिजली से इस तरह रखें खुद को सुरक्षित :
अगर आप सड़क पर फंस गए हैं तो अपनी कार या किसी ट्रक में बैठे रहें। ये दोनों ही वाहन बिजली से बहुत अच्छी सुरक्षा प्रदान करतें है।
पानी या पानी के पाइप के आसपास ना जाएं। शॉवर, नल, हैंड वॉस बेसिन के इस्तेमाल या कपड़े धोने से बचें। क्योंकि बिजली आपकी बिल्डिंग की पाइपों और नल के माध्यम से भी प्रवाहित हो सकती है।
कॉर्डेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के इस्तेमाल से बचें क्योंकि बिजली कॉर्ड के माध्यम से गुज़र सकती है। कॉर्डलेस फोन का इस्तेमाल सुरक्षित हैं। हालांकि एक स्टडी में इस बात से इनकार किया गया कि, मोबाइल या बाकी कॉर्डलेस उपकरण बिजली को आकर्षित करते हैं।
खिड़कियां, दरवाजे, गैरेज, बालकनी से दूर रहें।
बिजली धातुओं से बनी किसी भी चीज़ में उतर सकती है। इसीलिए फर्श पर ना लेटें या दीवारों से चिपककर ना खड़े हों।
संदर्भ: [1] Althaus, C. W. (2006). Injury from lightning strike while using mobile phone: Mobile phones are not lightning strike risk. BMJ : British Medical Journal, 333(7558), 96.
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