
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 2, 2022 9:45 AM IST
अपनी सफलता के पीछे मीराबाई चानू अपने कोच विजय शर्मा का बड़ा रोल मानती हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (Commonwealth games 2022) में वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ने तिरंगे को विश्वभर में ऊंचा किया है। साइखोम मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ में इतिहास रचकर वेटलिफ्टिंग में भारत को इस बार का पहला गोल्ड मेडल (Mirabai Chanu Wins Gold In Weightlifting) जीता है। मणिपुर की राजधानी इम्फाल की रहने वाली मीराबाई चानू ने कड़ी मेहनत के बाद मेडल जीता है। मीराबाई चानू अपनी प्रेक्टिस के साथ ही अपनी डाइट को लेकर भी बहुत सीरियस रहती हैं। मीराबाई ने जब 2021 में टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता था, तब उन्होंने अपनी डाईट के बारे में काफी जानकारी दी थी। मीराबाई चानू ने 2021 में मीडिया को बताया था कि कॉम्पिटिशन से 2 पहले उन्होंने कुछ नहीं खाया था ताकि उनका वजन न बढ़ जाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि एक एथलीट के लिए स्ट्रीक्ट डाइट प्लान (Mirabai Chanu Diet Plan) कितना जरूरी है और वो खुद को मोटिवेटिड कैसे रखती हैं।
राष्ट्रीय या अंर्तराष्ट्रीय स्तर के खेलों के कॉम्पिटिशन में भाग लेने के लिए वजन को मेनटेन रखना बहुत जरूरी है और बहुत मुश्किल भी है। 26 साल की साइखोम मीराबाई चानू कहती हैं कि किसी कैटेगेरी के लिए वजन को मेनटेन रखने के लिए डाइट को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है। अपनी सफलता के पीछे मीराबाई चानू अपने कोच विजय शर्मा (Mirabai Chanu oach Vijay Sharma) का बड़ा रोल मानती हैं। वो कहती हैं "मेरे कोच बार बार मुझे ये कहकर मोटिवेट करते थे कि रियो ओलंपिक (Rio Olympic) में क्या हुआ था इसे भूल जाओ और आगे की तैयारी करो। सिर्फ उनकी वजह से आज मैं देश के लिए मेडल जीत पाई हूं।"
क्योंकि कॉम्पिटिशन के लिए मीराबाई को अपना वजन संतुलित रखना था इसलिए वो कुछ भी ऐसा वैसा नहीं खाती थी जो उनके वजन को अचानक से कम से ज्यादा कर दे। क्योंकि अगर मैदान में जाने से पहले वजन में कमी या बढ़त देखी गई तो एथलीट को बाहर किया जा सकता है। इसलिए मीराबाई कहती हैं कि वो जंक फूड का सेवन बिल्कुल नहीं करती थी और उनकी डाइट में सिर्फ मीट, सब्जियां (मटर) आदि चीजें सीमित मात्रा में होती थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मीराबाई चानू नाश्ते में अंडे, 2 ब्रेड और 5 तरह के फल खाती थीं। इनके लंच में मछली और सैलमॉन, टूना और पॉर्क मीट (पेट) खाती थीं जिसकी मात्रा 100 से 150 ग्राम होती थी। इसके अलावा मीराबाई अपने वर्कआउट, ट्रेनिंग और शेड्यूल को लेकर काफी सीरियस रहती थी।