क्या सुना है मिलिट्री डायट का नाम?, जानें वेट लॉस में है कितनी कारगर

कुछ समय से मिलिट्री डायट को भी काफी लोगों ने फॉलो करना शुरु कर दिया है। इस तरह की डायट को वेट लॉस के लिहाज से बहुत कारगर माना जा रहा रहै।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 2, 2020 6:08 PM IST

Military Diet: वेट लॉस के लिए लोग अलग-अलग तरह की डायट्स फॉलो करते हैं। इन डायट्स की मदद से वे अपने एक्स्ट्रा वजन को घटाने और शरीर में जमा अतिरिक्ट फैट को बर्न करने की कोशिश करते हैं। इन दिनों कीटोजेनिक डायट और वीगन डायट की मदद से कई लोग वजन कम करने के प्रयास कर रहे हैं। वहीं कुछ समय से मिलिट्री डायट (Military Diet) को भी काफी लोगों ने फॉलो करना शुरु कर दिया है। इस तरह की डायट को वेट लॉस के लिहाज से बहुत कारगर माना जा रहा रहै।

कैसी होती है मिलिट्री डायट ?

इस तरह के डायट प्लान में केवल 3 दिनो तक डायट के अनुसार खाना होता है। यह एक लो-कैलोरी डायट है। मिलिट्री डायट की खासियत यही है कि इसमें आपको लगातार कई हफ्तों या महीनों तक डायटिंकर करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। डायट फॉलो कर रहा व्यक्ति सप्ताह के 3 दिन डायट के अनुसार भोजन करता है और बाकी 4 दिन अपनी पसंद के अनुसार कुछ भी खा सकता है।

आमतौर पर इस तरह क डायट में 3 दिन 1200 कैलोरी लेनी होती है। जबकि, बाकी4 दिन 1800 कैलोरी वाला भोजन खाना होता है। अचानाक से कैलोरी इंटेक कम होने से आपको वजन घटाने में भी सहायता होगी।

मिलिट्री डायट में रखें इन बातों का ख्याल

3 नहीं 7 दिन के भोडजन का करें समझदारी से चयन

यह डायट तीन दिन के लिए होती है लेकिन आपको हफ्ते के सातों दिन कैलोरी का ध्यान रखना चाहिए। पहले तीन दिन स्ट्रिक्ट और कंट्रोल डायट लें लेकिन उसके बाद भी बहुत कम मात्रा में ही कैलोरी का सेवन करें। इन तीन दिनों के अलावा अन्य चार दिन भी आपको संभलकर खाना चाहिए। उदाहरण के लिए अगर सैलमन की जगह लीन प्रोटीन या नॉन-वेज की जगह वेज खा रहे हैं, तो ध्यान रहे कि कैलोरी की मात्रा बराबर होनी चाहिए।

डायटिंग के साथ एक्सरसाइज करें

मिलिट्री डायट से वेट लॉस होता है लेकिन, केवल डायट से मेटाबोलिज्म नहीं बढ़ेगा। आपको इसके साथ आपको रोजाना एक्सरसाइज की भी जरूरत होती है। बेशक कैफीन जैसी चीज से मेटाबोलिज्म बढ़ता है लेकिन ऐसा कम समय के लिए होता है।

डॉक्टर से ज़रूर लें सलाह

यह कम फैट, कोलेस्ट्रॉल या नमक वाली नहीं बल्कि कम कैलोरी वाली डायट है। यही कारण है कि कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए यह बेहतर डायट नहीं है।

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