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ऑफिस में पूरे दिन बैठते हैं? माइक्रो वॉक से खुद को रखें फिट

क्या आप लगातार बैठकर काम करते हैं? क्या आपके पास वर्कआउट के लिए समय नहीं है? अगर हां, तो माइक्रो वॉक आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे?

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 5, 2026 2:09 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sri Karan Uddesh Tanugula

Office worker's health: हम में से कई लोग 9 से 10 घंटे लगातार कंफ्यूटर या फिर लैपटॉप पर बैठकर काम करते हैं। ऐसे में जब एक्सरसाइज की बात आती है, तो सबसे पहले जुबान पर एक ही लाइन आता है, 'वक्त नहीं है' लेकिन क्या आप जाानते हैं कि इन 9 से 10 घंटों के बीच सिर्फ कुछ मिनटों के वॉक से आप खुद को फिट रख सकते हैं। जी हं, माइक्रो वॉक लगातार डेस्क पर जॉब करने वालों के लिए एक बेहतरीन एक्सरसाइज हो सकती है। सिर्फ कुछ मिनटों की एक्सरसाइज आपको कमर और गर्दन में दर्द से राहत दिलाने के साथ-साथ मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। आइए इस विषय के बारे में यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट जनरल फिजिशयन डॉ. श्री करण उद्देश तनुगुला से विस्तार से समझते हैं।

क्या होती है माइक्रो वॉक?

माइक्रो वॉक का मतलब है, दिनभर में कई बार 1 से 10 मिनट तक छोटी-छोटी वॉक करना। यानी आपको जिम जाने या लंबा वर्कआउट करने की जरूरत नहीं है। हर 30 से 60 मिनट बाद अपनी कुर्सी से उठकर कुछ मिनट चलना भी माइक्रो वॉक कहलाता है।

डॉ. का कहना है कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में दिनभर के दौरान छोटी-छोटी वॉक करने से शरीर एक्टिव रहता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है।

लंबे समय तक बैठे रहने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

पूरे दिन बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां कम सक्रिय रहती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ सकता है और शरीर की कैलोरी खर्च करने की क्षमता भी घट जाती है। इसके अलावा ब्लड शुगर कंट्रोल करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और समय के साथ हृदय रोग का खतरा भी बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी लंबे समय तक बैठे रहने को कई नॉन कम्युनीकेबल डिजीज  का एक प्रमुख जोखिम कारक मानता है।

माइक्रो वॉक से कैसे मिलते हैं फायदे?

डॉक्टर का कहना है कि हर 30 से 60 मिनट में सिर्फ 5 मिनट की वॉक भी शरीर पर पॉजिटिव असर डाल सकती है, जैसे-

1. ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर

लगातार बैठे रहने से पैरों और शरीर के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है। कुछ मिनट की वॉक करने से मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। इससे थकान भी कम महसूस होती है।

2. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद

खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलने से शरीर ग्लूकोज का बेहतर उपयोग कर पाता है। कई NCBI में छपी रिपोर्ट में पाया गया है कि नियमित माइक्रो वॉक ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।

3. ब्लड प्रेशर हो सकता है कंट्रोल

रिसर्च बताते हैं कि हर आधे घंटे बाद कुछ मिनट पैदल चलने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। यह आदत हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जाती है।

4. मूड और फोकस हो सकता है बेहतर

लगातार स्क्रीन पर काम करने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। कुछ मिनट की वॉक दिमाग को आराम देती है और काम पर दोबारा ध्यान लगाने में मदद करती है। इससे तनाव भी कम हो सकता है और उत्पादकता बढ़ सकती है।

ऑफिस में माइक्रो वॉक को कैसे बनाएं आदत?

माइक्रो वॉक को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करना मुश्किल नहीं है। इसके लिए आप कुछ आसान तरीके अपना सकते हैं।

  1. हर 30 से 60 मिनट बाद अपनी सीट से उठें।
  2. लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  3. किसी सहकर्मी से बात करनी हो तो उसके डेस्क तक पैदल जाएं।
  4. फोन पर बात करते समय चलते-चलते बातचीत करें।
  5. पानी भरने या प्रिंटर तक जाने के लिए खुद पैदल जाएं।
  6. मोबाइल या कंप्यूटर में हर घंटे का रिमाइंडर लगाएं।

क्या माइक्रो वॉक ही काफी है?

डॉ. काा कहना है कि माइक्रो वॉक लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान को कम करने का एक आसान तरीका है, लेकिन इसे नियमित व्यायाम का ऑप्शन नहीं माना जा सकता। बेहतर स्वास्थ्य के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज जरूरी होता है।

Disclaimer : अगर आपका काम ऐसा है जिसमें पूरे दिन कुर्सी पर बैठना पड़ता है, तो माइक्रो वॉक आपकी लाइफस्टाइल का जरूरी हिस्सा बन सकती है। हर घंटे सिर्फ 5 मिनट चलने की आदत ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखने, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के साथ-साथ मानसिक ताजगी बनाए रखने में भी मदद कर सकती है।