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सेहत है तो जीवन है। ऐसे में सभी को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए फिर चाहे वो पुरुष हों या महिलाएं। फिलहाल, बात करते हैं पुरुषों की सेहत की, क्योंकि 10 से 16 जून ''मेंस हेल्थ वीक'' (Men's Health Week : 2019) के तौर पर मनाया जाता है। अक्सर पुरुष काम में इतने वयस्त होते हैं कि वो अपना रेगुलर रुटीन चेकअप करवाना ही भूल जाते हैं। कुछ पुरुषों को लगता है कि वो शरीर से फिट हैं, क्योंकि वो घंटों जिम में वर्कआउट करते हैं। पर ऐसा सोचना गलत है।
खासकर तब, जब आपकी उम्र 35 वर्ष से ऊपर की हो चुकी है। आप उस दिन का इंतजार ना करें कि आपको कहीं कोई शारीरिक दर्द होगा या कोई रोग होगा तो ही डॉक्टर के पास जाएंगे। रुटीन चेकअप एक खास उम्र के बाद करवाना आपके ही हित में है। जानें, इस Men's Health Week : 2019 पर पुरुषों को 35 वर्ष के बाद कौन सी जांच करवानी चाहिए...
क्या आप जानते हैं कि दांतों और दिल का गहरा संबंध होता है? दांतों में होने वाले रोग हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है। पुरुषों को खासकर, हर साल अपने दांतों की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि वो गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन करते हैं। मसूड़ों में होने वाली किसी भी समस्या को सामान्य न समझें। मुंह में छाले होते हैं, तो इसे भी नजरअंदाज ना करें। मसूड़ों, जीभ, गले या होंठों पर इस प्रकार की कोई भी वृद्धि घातक हो सकती है। डेंटिस्ट के पास हर छह महीने पर चेकअप कराने जाएं।
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ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज हो सकता है। 35 वर्ष की उम्र के बाद साल में 1 से 2 बार ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करवा लें। यदि आपको सही समय पर डायबिटीज का पता चल जाता है, तो दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के द्वारा इसे ठीक कर सकते हैं। डायबिटीज का पता सही समय पर चल जाए, तो आप कई रोगों से भी बचे रह सकते हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट ब्लॉक आदि के खतरे को बढ़ाता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण धमनियों में प्लाक जमना शुरू हो जाता है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बाधित करता है। एक साल में एक बार हर पुरुषों को कोलेस्ट्रॉल लेवल जरूर चेक करवाते रहना चाहिए। आजकल कम उम्र में ही पुरुषों में हार्ट अटैक की समस्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में रेगुलर जांच से आप हार्ट अटैक से बचे रहेंगे।
35 वर्ष के बाद यदि आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या महसूस होने लगे, तो यूरिन की जांच करवा लें। पेशाब करते वक्त किसी भी तरह की कोई समस्या होने के पीछे प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ी समस्या हो सकती है। यदि प्रोस्टेट में सूजन है तो यूरिनेशन कम होता है। हालांकि, प्रोस्टेट के बढ़ने या अनियमित यूरिनेशन का मतलब यह नहीं है कि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या हो गई है, पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
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अक्सर इस उम्र के बाद मोटापे का असर कमर और पेट पर दिखाई देने लगता है। यदि आपकी कमर चौड़ी हो रही है, तो जांच कराएं। कई बार इससे डायबिटीज और हार्ट रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। कमर के आकार को कम करने से हार्ट डिजीज और डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं। यदि शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज करने के बावजूद कमर का आकार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
जब आप अत्यधिक तनाव में होते हैं तो कोर्टिसोल और एंडॉर्फिन नामक हार्मोन व्हाइट ब्लड सेल्स के द्वारा हेयर फॉलिकल्स को डैमेज कर सकते हैं, जिसके कारण बालों का विकास रुक जाता है। ऐसे में आपको डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत होती है।
35 वर्ष के उम्र के बाद बिना किसी सुरक्षा के यौन संबंध बनाने से बचें। यदि बनाया भी है, तो डॉक्टर से जांच तुरंत कराएं वरना आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) होने की संभावना बढ़ सकती है।