Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Gandhi Jayanti 2021: प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को हम सभी महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) जी का जन्मदिन (Gandhi Jayanti 2021 in Hindi) सेलिब्रेट करते हैं। बापू की 152वीं जयंती इस वर्ष मनाई जा रही है। क्या आप जानते हैं कि भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद गांधी जी ने 21 दिनों का उपवास रखा था, 10 फरवरी 1943 से लेकर 3 मार्च 1943 तक? गांधी जी लंबे-लंबे उपवास करते थे और फिर अपने शरीर को फिट कर लेते थे। शहर हो या गांव, तीज-त्योहारों में दो तीन दिन का उपवास के बाद लगभग हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म कितना स्लो हो जाता है। अगर आपने उपवास रखा होगा, तो इसे महसूस किया होगा, लेकिन तब क्या होगा जब आपको लगभग तीन हफ्ते तक उपवास करना पड़े? आप कहेंगे कि ऐसा किसी के लिए भी कर पाना असंभव है। लेकिन बापू ने ऐसा कर दिखाया था। गांधी जी इतने दिनों के लिए किस तरह उपवास करते थे और खुद को फिट कर लेते थे? जानिए उनकी सेहत के ये 8 सीक्रेट्स (Mahatma Gandhi Health Secrets)...
महात्मा गांधी के अनुसार, हिंसा से उम्र घटती है। अहिंसा से इंसान न सिर्फ सुरक्षित रहता है, बल्कि ऐसी सोच और विचारधारा रखने से व्यक्ति की उम्र भी लंबी होती है। ऐसे लोग शांत स्वभाव के होते हैं। उनमें हाइपरटेंशन और दिल की बीमारियां कम होती हैं।
[caption id="attachment_609885" align="alignnone" width="655"]
सूर्य उगने से पहले ही गांधी जी बिस्तर छोड़ देते थे। © Shutterstock[/caption]
क्या आप जानते हैं कि बापू रात में कितनी देर के लिए सोते थे? वे सिर्फ 4 से 5 घंटा ही सोया करते (Mahatma Gandhi Health Secrets) थे। सूर्य उगने से पहले ही वे बिस्तर छोड़ देते थे, पर आज ऐसा नहीं है। आज लोग देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से जागते हैं। इसी वजह से लोग आज कम उम्र में ही कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। गांधी जी की तरह फिट रहना है, तो जल्दी सोने की आदत डालिए। सुबह जल्दी जागिए और व्यायाम करिए। गांधी जी की जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत युवाओं के दिन को प्रोडक्टिव बना सकता है।
महात्मा गांधी का मानना था कि व्रत रखना सेहत के लिए अच्छा होता है। इससे पेट साफ होता है और शरीर में चर्बी कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार, हम सभी को सप्ताह में एक दिन व्रत जरूर रखना चाहिए।
गांधी जी का कहना था कि मानसिक और शारीरिक रूप से आप तभी स्वस्थ रह सकते हैं, जब आप कुछ हेल्दी और पौष्टिक खाएंगे क्योंकि हमारा शरीर कूड़ेदान नहीं है। ऐसे में कुछ भी खाने से बचें। आप जो भी खाते हैं, उस पर गौर करें, विचार करें कि आप क्या खा रहे हैं और इसका दीर्घकालिक असर आपके शरीर पर कैसा होगा? ऐसे में आज लोग फास्ट फूड, जंक फूड को अधिक तवज्जो देते हैं, सुबह नाश्ता नहीं करते। इन सभी आदतों से बचें।
महात्मा गांधी हमेशा शराब और तंबाकू से लोगों को दूर रहने की बात करते थे। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन दोनों ही चीजों के सेवन से आपको लंग कैंसर, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर आदि हो सकते हैं।
[caption id="attachment_609883" align="alignnone" width="655"]
महात्मा गांधी अक्सर ध्यान यानी मेडिटेशन किया करते थे। © Shutterstock[/caption]
महात्मा गांधी अक्सर ध्यान यानी मेडिटेशन किया करते थे। मेडिटेशन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। तनाव और अवसाद को कंट्रोल करने में भी यह मददगार है।
हमारी सोच हमारी सेहत को भी प्रभावित करती है। महात्मा गांधी कहते थे कि हमारी सोच ही हमें इंसान बनाती है। सकारात्मक सोच न केवल सेहत ठीक रखती है, बल्कि यह हमारे स्किल्स और काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है।
महात्मा गांधी की ऊर्जा और ताकत के पीछे उनके चलने की आदत ही सबसे बड़ी वजह थी। पैदल चलने से न केवल आपकी क्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। शरीर की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर बना रहता है। तो आप भी आज से ही महात्मा गांधी की इन 8 हेल्दी लिविंग सीक्रेट्स को फॉलो करना शुरू कर दें और फिर मानसिक और शारीरिक रूप से पड़ने वाले फर्क देखें।