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जोखिम भरी भी हो सकती है लिपोसक्‍शन

चर्बी घटाने के लिए लिपोसक्‍शन सर्जरी के बारे में सोच रहे हैं तो जोखिम भी जान लें।

लिपोसक्शन, जिसे लिपोप्लास्टी भी कहा जाता है, शरीर से फालतू चर्बी घटाने की प्रक्रिया है। इसमें कॉस्मेटिक सर्जरी शामिल होती है। पिछले कुछ वर्षों में सुडौल दिखने की चाह और मोटापे से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए इस सर्जरी की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। ग्‍लैमर इंडस्‍ट्री से जुड़े लोग ही नहीं, बल्कि अब अन्‍य फील्‍ड से जुड़े लोग भी खुद को फि‍ट और सुडौल रखने के लिए इस प्रक्रिया का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

शरीर के खास हिस्‍सों के लिए

इस प्रक्रिया में शरीर के खास हिस्‍सों पर जमी चर्बी को कैनुला के माध्‍यम से तोड़ा जाता है। इनमें जांघों, कूल्हों और नितंबों, पेट और कमर, गाल, ठोड़ी और गर्दन, बाहें, आंतरिक घुटने, ब्रेस्‍ट एरिया, बैक और पीठ जैसे विभिन्न हिस्‍सों में एकत्रित वसा को निकाला जाता है।

क्‍या है प्रक्रिया

इस प्रक्रिया के माध्‍यम से कोशिकाओं में मौजूद वसा को स्‍थायी रूप से हटाया जा सकता है। जिससे शरीर को मनचाहा आकार और आकर्षक, सुडौल फि‍गर मिल सकता है। हाल ही में प्रचलित हुई इस तकनीक का अविष्‍कार 1972 में हो चुका था।

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लिपोसक्‍शन के जोखिम

  • लिपोसक्शन सर्जरी एनेस्‍थीसिया देने के बाद की जाती है। अर्थात लिपोसक्‍शन के दौरान दर्द महसूस नहीं होता। लेकिन लिपोसक्‍शन क बाद दर्द महसूस होता है।
  • कई बार यह दर्द असहनीय भी हो जाता है।  लिपोसक्‍शन के बाद सूजन, दर्द, चोट जैसे जख्‍म महसूस होना आम बात है।  अगर आप दर्द बर्दाश्‍त नहीं कर पाते हैं, तो बेहतर है कि लिपोसक्‍शन से पहले ही अपने डॉक्‍टर से विस्‍तार से बात कर लें।
  • एनेस्‍थेसिया के प्रकार और असर पर भी पहले ही बात कर लें। कई बार एनेस्‍थेसिया गलत हो जाने से मरीज की मौत भी हो सकती है।
  • लिपोसक्‍शन सर्जरी के दौरान जरा भी लापरवाही होने पर  नर्व डेमेज, शॉक और मौत का भी जोखिम बना रहता है।
  • लिपोसक्‍शन के बाद खास तरह के कपड़े और डायट फॉलो करने होते हैं। इन पर भी पहले से ही डॉक्‍टर से बात कर लें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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