Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
कूर्मासन, कूर्म का अर्थ होता है कछुआ। यह एक ऐसा योगासन है जिसे करते वक्त व्यक्ति की कछुए की तरह पोजिशन बन जाती है। इस आसन को करना जितना आसान है उतने ही जबरदस्त इसके लाभ भी है। इन दिनों कोरोनावायरस के चलते अधिकतर लोग वर्क फ्राम होम कर रहे हैं। जिसके चलते कंधों, गर्दन और कलाई में दर्द होने के साथ ही पेट संबंधी समस्याएं भी आम बात हो गई है। कूर्मासन इन सभी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। यदि आपने आज तक इस योगासन को नहीं किया है तो हो सकता है आपको शुरुआत में ये थोड़ा मुश्किल लगे लेकिन बाद में इसे करना आपके लिए भी आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं इसे करने का तरीका और इसके लाभ-
1. एक योगा मैट लें और इस पर अपने पैरों को आगे की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं।
2. अपनी हथेलियों को अपने हिप्स के साथ रखें। अपनी बैक को एकदम सीधा रखें। और अब गहरी सांस लें।
3. धीरे-धीरे अपने पैरों को फैलाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दोनों पैर एक दूसरे से दूर हों। अब, थोड़ा झुकें और अपने घुटनों को उठाएं।
4. अब, अपने हाथों को अपने घुटनों के नीचे फैलाएं।
5. अब, अपने धड़ को नीचे की ओर झुकाएं। अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।
6. इसी पोजिशन में रहते हुए गहरी सांस लें और अब पिछले पोजीशन में चले जाएं।
वैसे तो इस योगासन को करने का सबसे बेस्ट टाइम सुबह होता है। लेकिन बिजी शेड्यूल के चलते आप इसे शाम के वक्त भी कर सकते हैं। इस बात का खास ख्याल रखें कि इस योगासन को करने और आपकी मील के बीच में 4 से 6 घंटे का अंतर होना चाहिए। यानि कि इस योगासन को खाली पेट करना चाहिए, भरे पेट करने से नुकसान हो सकता है।
नियमित कूर्मासन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। जिन लोगों को डाइजेशन संबंधी समस्याएं होती हैं उनके लिए यह योगासन वरदान है। यदि आप इसे रोज सुबह करते हैं तो कब्ज, पेट में दर्द, गैस, अपच और मरोड़ जैसी समस्याएं दूर होती हैं। इसके साथ ही इसे योगा को करने से कंधे, कलाईयों और गर्दन का दर्द भी दूर होता है। यह आपकी रीढ़ में लचीलेपन को बढ़ाने के साथ-साथ आपकी मुद्रा को भी बेहतर बनाता है।