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Written By: Yogita Yadav | Updated : June 3, 2019 9:09 AM IST
दैनिक उपयोग के आधुनिक संसाधनों ने हमारे पैरों की मांसपेशियों को कमजोर किया है, इसलिए विशेषज्ञ सुबह उठकर कुछ देर मलासन में बैठने की सलाह देते हैं। ©Shutterstock.
दैनिक उपयोग के आधुनिक साधनों और उपकरणों ने हमारे पैरों की मांसपेशियों को कमजोर किया है। शौच जाने से लेकर दिन भर काम करने तक हम कुर्सी पर ही बैठते हैं। जिससे हमारे कमर और उससे नीचे के हिस्से की मांसपेशियों का व्यायाम बिल्कुल नहीं हो पाता। अगर आपकी दिनचर्या भी ऐसी है तो सुबह उठकर कम से कम दस मिनट मलासन में बैठना आपको लाभ देगा।
मलासन का अर्थ है कि जिस तरह हम पहले मल त्याग करने के लिए बैठा करते थे। इस मुद्रा में घुटनों, एडि़यों और पैरों पर जोर पड़ता है। साथ ही पेट और कमर की मांसपेशियों में भी खिंचाव होता है। जिससे शरीर के इस समग्र भाग का व्यायाम होता है। मलासन को Garland Pose के नाम से भी जाना जाता है|
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मलासन में बैठने से पेट और कमर को लाभ होता है|
इस तरह नियमित बैठने से गैस और कब्ज की परेशानी से निज़ात मिलती है|
इससे पेट की परेशानी को दूर करने के साथ ही अब्डोमिनल नसों को मजबूती मिलती है।
मलासन का नियमित अभ्यास करने से मांसपेशिया लचीली बनती है। साथ ही यह कमर दर्द, घुटने के
दर्द से भी छुटकारा दिलाता है| यह भी पढ़ें - बढ़ानी है मेमोरी, तो हर रोज करें 30 मिनट व्यायाम
मलासन करने से पेट में तनाव पैदा होता है जिससे पेट के दर्द में आराम मिलता है|
मलासन को नियमित करने से पेट की चर्बी ख़त्म होती है जिससे आप सपाट पेट पा सकते है|
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पेट, घुटने जोड़, व पीठ के तनाव को कम व दर्द मिटाने के लिए मलासन का नियमित रूप से अभ्यास करे|
यदि कमर में दर्द है, आप गर्भवती हैं या लूज मोशन की समस्या है तो इसे बिना उचित परामर्श के न करें।