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Written By: Atul Modi | Updated : August 14, 2023 10:49 AM IST
फास्टिंग यानि उपवास करना एक पारम्परिक तरीका है। हम सभी ने कभी न कभी उपवास ज़रूर किया होगा, फिर चाहे इसका कारण संस्कृति, धर्म या स्वास्थ्य से जुड़ा रहा हो। माना जाता है कि उपवास करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, हालांकि इस प्रथा के साथ कई गलत अवधारणाएं भी जुड़ी हैं। अक्सर लोग ऐसा कहते हैं कि उपवास के दौरान वर्क आउट नहीं करना चाहिए। लेकिन सच्चाई इससे कहीं अलग है। वास्तव में उपवास के दौरान वर्कआउट करना बेहद फायदेमंद होता है, अगर आप ठीक से योजना बनाकर वर्क आउट करें।
आपको उपवास के दौरान कई चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए, ज़रूरी है कि आप वर्कआउट मिस न करें। आज हम इस बारे में बातचीत करेंगे कि उपवास के दौरान वर्कआउट की योजना कैसे बनाएं।
आम धारणा के विपरीत उपवास के दौरान वर्क आउट करने के कई फायदे होते हैं। आइए, इसके बारे में जानें
1.फैट बर्न करने में मदद मिलती है: उपवास के दौरान शरीर में ग्लाइकोजन का स्तर कम होता है। ऐसे में शरीर एनर्जी के लिए स्टोर किए गए फैट का उपयोग करता है।
2.इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है: वर्क आउट और उपवास, दोनों को ठीक तरह से किया जाए तो इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है। इससे ब्लड शुगर पर नियंत्रण बनता है और मेटाबोलिक स्वास्थ्य को फायदा पहुंचता है।
3.मन और शरीर के बीच तालमेल: उपवास करने से मानसिक एवं शारीरिक तालमेल में सुधार होता है, अगर आप इसके साथ व्यायाम भी करें तो मन एवं शरीर के बीच बेहतर तालमेल बनता है, तथा वर्क आउट के दौरान आपका फोकस बढ़ता है।
4.मानसिक एकाग्रता और स्पष्टता में तालमेल: कई लोगों का मानना है कि उपवास के दौरान वर्क आउट से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, फोकस स्पष्ट सोच में सुधार होता है। क्योंकि इस दौरान शरीर एनर्जी के लिए वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करता है, जो संज्ञानात्मक रूप से फायदेमंद साबित होता है।
अक्सर, उपवास के दौरान वर्क आउट के फायदे जानने के बाद लोग उत्सुक हो जाते हैं और ज़रूरत से ज़्यादा वर्क आउट करने लगते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। उपवास के दौरान उचित योजना बनाकर ही वर्क आउट करें। किसी भी चीज़ को बहुत ज़्यादा मात्रा में करना नुकसानदायक हो सकता है, और यह नियम यहां भी लागू होता है। तो उपवास के दौरान वर्क आउट की योजना कैसे बनाएं? इसके लिए नीचे दिए गए सुझावों पर ध्यान दें-
1.हैवी वर्क आउट से बचें: उपवास के दौरान भारी-भरकम व्यायाम न करें, क्योंकि इस समय शरीर में सीमित एनर्जी और हाइड्रेशन होता है। हैवी वर्क आउट करने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। इसका एक कारण यह है कि इस समय शरीर में एनर्जी और हाइड्रेशन का लैवल कम होता है, मांसपेशियों में ब्रेकडाउन होता है और शरीर की एनर्जी की ज़रूरतें वैकल्पिक स्रोतों से पूरी होती हैं।
हैवी वर्क आउट के बजाए, हल्का, कम-इंटेसिटी वाला व्यायाम करें जैसे जेंटल कार्डियो, योग या स्ट्रैचिंग कर सकते हैं। इस तरह के व्यायाम से मुवमेन्ट और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। ऐसे में उपवास के दौरान कम इंटेसिटी वाला व्यायाम बेहतर होता है।
2.एनर्जी लैवल बनाए रखें: ठीक से वर्क आउट करने के लिए अपना एनर्जी लैवल ठीक रखना बहुत ज़रूरी होता है। अन्यथा आप ठीक से वर्क आउट नहीं कर सकेंगे। तो क्या करें?
3.कार्डियो ज़्यादा करें और वेट ट्रेनिंग कम: उपवास के दौरान कार्डियो व्यायाम ज़्यादा करना चाहिए, और वेट ट्रेनिंग कम। आइए जानें इससे क्या फायदा होगा:
4. कम समय के लिए वर्क आउट करें: उपवास के दौरान कम समय के लिए वर्क आउट करना चाहिए, ताकि आपको ज़्यादा थकान न हो और आपका एनर्जी लैवल बना रहे। इसके बजाए आप कम एवं मध्यम इंटेसिटी की इंटरवल ट्रेनिंग कर सकते हैं।
निष्कर्ष: कुल मिलाकर, उपवास के दौरान सही योजना बनाकर ही वर्क आउट करना चाहिए। उपर दिए गए सुझावों से वर्क आउट करना न सिर्फ आसान हो जाएगा, बल्कि अधिक फायदेमंद भी होगा।
(Inputs By: Mr. Kushal Pal Singh Fitness and Performance Expert, Anytime Fitness)