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मकर संक्राति (Makar Sankranti) के त्योहार पर विधिवत खिचड़ी बनायी, परोसी और दान की जाती है। इसके पीछे दाल-चावल के साथ मौसमी सब्जियों और मसालों से पोषण प्राप्त करना तो होता ही है। साथ ही जनवरी की ठिठुरन देने वाली सर्दियों में गर्मागर्म खिचड़ी की खूश्बू, स्वाद और फ्लेवर शरीर को गर्मी देने के साथ-साथ मूड को बूस्ट करते हैं। आइए जानते हैं सर्दियों में खिचड़ी खाने के कुछ ऐसे ही बेमिसाल फायदों के बारे में। (Khichadi Health Benefits)
सर्दियों के मौसम में लोगों का पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है। ऐसे में गर्मागर्म खिचड़ी खाएं। इससे आपका डायजेशन बेहतर होगा और पाचन से जुड़ी सभी समस्याएं कम होती हैं। इससे, गैस, पेट में भारीपर और अपच जैसी समस्याओं से आराम मिलती है। इसका सीधा असर, शरीर की मेटाबॉलिक रेट पर पड़ता है। मेटाबॉलिज़्म सही रहने से वजन नियंत्रित रहता है और कई मेटाबॉलिक डिसॉर्डर्स का रिस्क भी कम होता है। (easy to digest food)
जैसा कि खिचड़ी टमाटर, मटर, फूलगोभी, पालक, लौकी और आलू सहित, धनिया, अदरक, लहसुन, हींग और जीरा जैसी कई पौष्टिक चीज़ों का मिश्रण होती है। इसीलिए, इन सभी सब्ज़ियों, अनाज़ों और मसालों में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स, मिनरल्स और फाइटोकेमिकल्स जैसे पोषक तत्वों का फायदा भी शरीर को प्राप्त होता है। इससे, आपके शरीर को पोषण होता है और शरीर की कार्यप्रणालियों में सुधार होता है। (Khichadi Health Benefits)
खिचड़ी वेट लॉस के लिए एक आदर्श रेसिपी है। खिचड़ी में दाल, चावल और मसालों की मात्रा कम और पानी की मात्रा थोड़ी अधिक होती है। सर्दियों में यह पेट भरता है और देर तक आपको भूख नहीं लगती। इससे, आपका वजन बढ़ने से रोकना आसान होता है। सर्दियों में देसी घी, सलाद और दही या छाछ के साथ खिचड़ी का सेवन करने से हाजमा और मेटाबॉलिज़्म ठीक रहता है। जिससे, वेट लॉस में भी सहायता होती है।