आवाज के जादू को रखना है बरकरार, तो करें शंख मुद्रा का अभ्यास

शंख मुद्रा से स्वर-तंतु को आसानी से ठीक किया जा सकता है।

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Written By: Anshumala | Published : June 27, 2018 11:46 AM IST

एक अच्छी आवाज सबको अपनी और आकर्षित करती है। आवाज अच्छी हो, तो पर्सनालिटी में भी निखार आता है। एक बेहतरीन आवाज के साथ आप हर किसी को इम्प्रेस कर सकते है, क्योकि अच्छी आवाज सुनना सबको अच्छा लगता है। क्या आपकी आवाज बहुत भारी है या फिर बहुत ज्यादा कर्कश है? बार-बार गला बैठ जाता है? इस समस्या से अक्सर दोस्तों और परिवार के बीच आपको शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई लोगों में यह समस्या होती है। खासकर पुरुषों या बढ़ती उम्र के लड़कों में। आप इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए एक खास मुद्रा का अभ्यास आपको प्रतिदिन करना होगा। इस मुद्रा का नाम है शुंख मुद्रा।

शंख मुद्रा से लाभ

योगाचार्य डॉ. रमेश पुरी पर कहते हैं कि अच्छी, सुरीली आवाज और बोलने की प्रखर शक्ति हर कोई चाहता है। शंख मुद्रा से स्वर-तंतु को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इससे वाणी में मधुरता आती है और वाक्शक्ति भी बढ़ती है। वक्ताओं और शिक्षकों के लिए यह मुद्रा बेहद उपयोगी है, क्योंकि इन्हें काफी बोलना पड़ता है। इससे कई बार उनका गला भी बैठ जाता है। यदि शंख मुद्रा के साथ अलग से केवल पांच मिनट के लिए उज्जायी प्राणायाम और सिंहासन भी कर लिया जाए, तो आप आजीवन गले के रोगों से मुक्त रहेंगे। साथ ही आपकी वाणी के सभी दोष दूर होंगे।

उज्जायी प्राणायाम करते समय समुद्र के समान ध्वनि आती है, इसलिए इसे ओशन ब्रीद भी कहते हैं। इसके अभ्यास से थायरॉइड, श्वास नलिका, स्वर तंत्र आदि संतुलित रहती है। यह जल तत्व पर नियंत्रण लाती है। शंख मुद्रा से आपकी थायरॉइड और पैरा-थायरॉइड ग्रंथि हमेशा ठीक रहती है।

Shankh-Mudra and voice problem

कैसे करें इसका अभ्यास

सबसे पहले बाएं हाथ के अंगूठे को दाएं हाथ की मुट्ठी में बंद कर लें। दाएं हाथ के अंगूठे को बाएं हाथ की तर्जनी या सबसे बड़ी मध्यमा उंगली के अग्रभाग से मिलाएं। बाएं हाथ की चारों उंगलियां आपस में मिलाकर रखें। इसी प्रकार दूसरे हाथ से भी कर सकते हैं। जितनी देर सहजता से आप कर सकते हैं, इस मुद्रा का अभ्यास करें।

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