
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 3, 2019 12:40 PM IST
प्राणायाम का एक प्रकार है कपालभाति नसल पैसेज और रेस्पिरेटरी सिस्टम की नसों को उत्तेजित करता है।
प्रदूषित हवा (Air Pollution) की समस्या सर्दियों का मौसम आते ही और खासकर दिवाली के बाद बढ़ सी जाती है। धूल के कण, स्मॉग, फॉग और दूसरे पॉल्युटेंट हवा में प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर बढ़ा देते हैं। साफ हवा में सांस लेना जीवन और शरीर दोनों के लिए ज़रूरी है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से हमारी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में योगासनों की मदद से भी सेहत पर प्रदूषित हवा के प्रभाव को कम कर सकते हैं। ( Yoga to beat Air Pollution)
प्राणायाम का एक प्रकार है कपालभाति यानि इस योगासन में आपको अपनी सांसों की गति पर ध्यान देना पड़ता है। इस योगासन की मदद से आपको प्रदूषित हवा को फेफड़ों से बाहर निकालने में मदद होती है। यह एक श्वसन प्रक्रिया है जिसमें योग करने वाला व्यक्ति सांस लेने की गति को अलग-अलग तरीकों से बढ़ाते और घटाते हैं। यह नसल पैसेज और रेस्पिरेटरी सिस्टम की नसों को उत्तेजित करता है। ( Yoga to beat Air Pollution)
कपालभाति को वेट लॉस के लिहाज से एक अच्छा योगासन माना जाता है। इससे बेली फैट कम करने में मदद होती है। साथ ही यह पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कॉन्स्टिपेशन और एसिडिटी से भी राहत दिलाता है।
नोट: अगर आपने पहले कभी कपालभाति का अभ्यास नहीं किया तो किसी ट्रेनर की देखरेख में ही इसका अभ्यास शुरु करें।
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