वजन कम करने में सबसे ज्‍यादा कारगर है कपालभाति, रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम भी होती है दूर

अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो हर रोज कम से कम पंद्रह मिनट कपालभाति का अभ्यास करें।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 22, 2019 9:01 AM IST

कपालभाति (Weight loss with kapalbhati) को प्राणायाम और योग दोनों ही कहा जाता है। यह ध्‍यान, सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया और वजन घटाने में मददगार है। प्रदूषण के चलते इन दिनों सांस संबंधी समस्‍याएं बहुत बढ़ गई हैं। 20 से 25 वर्ष के युवा भी सांस संबंधी समस्‍याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि शरीर को अपने लिए शुद्ध प्राण वायु इकट्ठी करने का अभ्‍यास करवाया जाए। योगासन (Weight loss with kapalbhati) यही करता है। वह शरीर को उसकी आवश्‍यकता के साथ वातावरण से संतुलन बैठाना सिखाता है।

क्‍या है कपालभाति (Weight loss with kapalbhati)

यह सांस लेने संबंधी प्राणायाम का ही एक रूप है जो शरीर में ऑक्सिजन ले जाने और पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करने का काम करता है। यह पेट की चर्बी को कम करता (Weight loss with kapalbhati)  है और पाचन शक्ति को दुरुस्त करता है। कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्‍से को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है।

इस तरह करें कपाल भाति प्राणायाम (Weight loss with kapalbhati)

कपाल भाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन,सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठिए।

इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकिए। साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करे।

तत्पश्चात तुरन्त नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचते है और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते है। इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते है, किन्तु एक क्रम में 50 बार से अधिक न करे। क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं।

कम से कम 5 मिनट एवं अधिकतम 30 मिनट। इस तरह सांस लेने के बाद आप शुरुआत में आप पेट की पेशियों के आस-पास सूजन सा महसूस करेंगे पर परेशान न हों, ये तात्कालिक व सामान्य है।

कपालभाति प्राणायाम के लाभ

  • बैली फैट को कम करने में यह सबसे ज्‍यादा कारगर है। इसका हर रोज अभ्‍यास करने से शरीर की अतिरिक्‍त चर्बी कम होती है। इसके नियमित अभ्‍यास करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है।
  • कपालभाती प्राणायाम का सबसे ज्याद प्रभाव पड़ता है शरीर और मन पर, क्‍योंकि यह मन से नकारात्‍मक तत्‍वों को दूर कर सकारात्‍मकता लाता है।
  • थायराइड, चर्म रोग, आंखों की समस्‍या, दांतों की समस्‍या, महिलाओं की समस्‍या, डायबिटीज, कैंसर, हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर सामान्‍य करना, किडनी को मजबूत बनाने जैसे सभी तरह की समस्‍याओं को दूर करने की क्षमता होती है।
  • अगर आप उच्च रक्तचाप के मरीज़ हैं या हार्निया अथवा ह्रदय संबंधी मर्जों से जूझ रहे हैं तो यह आसन न करें।

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