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एंटी एजिंग भी है ये एंटी ग्रेविटी योगासन

इससे शरीर लचीला बनता है और ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 21, 2018 10:58 AM IST

योग का एक फॉर्म है एंटी ग्रेविटी योग जिसे हवा में किया जाता है। इस योग के जितने भी योगासन होते है उसे हवा में किया जाता है। इस योग को करने के लिए एक सिल्क के कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है।इसमें कपड़े को लटका कर योग के कुछ मूवमेंट्स करते हुए कपड़े को शरीर से लपेट लेते है और आपका शरीर जितनी भी योग की क्रियाएं करता है वो जमीन से कुछ फ़ीट ऊपर करता है। इसलिए इस योग को एंटी ग्रेविटी योग कहते है।

जरूरी हैंं ये  सावधानियाँ

  1. इस योग में सांसो के साथ-साथ अपने हाथों और पैरों पर भी अच्छी पकड़ का होना ज़रूरी है।
  2. इस योग को करने के लिए सिल्क के कपड़े से अलग-अलग क्रिया करते हुए योगासन करना चाहिए।
  3. एंटी ग्रेविटी योग में यह सभी योगासन हवा में होते है इसलिए इसे इंस्ट्रक्टर के निर्देशानुसार ही करना चाहिए।
  4. इस एंटी ग्रेविटी योग की शुरुआत 1990 में हुई थी। इसेे एरियल योग के नाम से भी जाना जाता है।
  5. इसे योग का एक एडवांस वर्जन भी माना जाता है। जिससे शरीर को कई प्रकार के फायदे होते है।
  6. इसमें अगर लापरवाही बरती गई तो इससे काफी ज्यादा शारीरिक समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  7. इसेे आराम से और धीरे-धीरे करना चाहिए, किसी भी प्रकार की कोई जल्द बाज़ी नहीं करनी चाहिए।

ऐसे करें एंटी ग्रेविटी योग

  • इस योग को करने के लिए एक सिल्क फेब्रिक को छत में मजबूती से बांधे।
  • इस फेब्रिक को दोनों तरफ से बांधे इसके बाद इस फेब्रिक की मदद से कुछ क्रिया करते हुए शरीर पर इस कपड़े को लपेेटे।
  • कपड़े को बांधते हुए इस बात का ध्यान रखेें कि  कपड़ा जमीन से कुछ फ़ीट ऊपर होना चाहिए।
  • इसी के साथ आप इस आसन को करते समय अपने शरीर का पूरा भार उस सिल्क के कपड़े पर डालें।
  • जब आप एक बार सिल्क के कपड़े पर अपने हाथों और पैरों की पकड़ करना सीख जाएंगे तो इसके बाद आसानी से अलग-अलग योग क्रिया को कर पाएंगे।

एंटी ग्रेविटी योग के फायदे

शरीर को संतुलित रखता है - शुरुआत में हाथों की और पैरों की इस पकड़ को बनाने में समस्या आती है फिर धीरे-धीरे अपने आप यह पकड़ बनाना आसान हो जाता है। इस वजह से शरीर भी काफी हद तक संतुलित रहता है।

बेहतर बनाए पाचन -एंटी ग्रेविटी योग में कई प्रकार की मुद्राएं बनाई जाती है। इन मुद्राओं में पूरे शरीर की काफी अच्छी तरह से स्ट्रेचिंग होती है। इस स्ट्रेचिंग की वजह से शरीर में खाना पचाने की प्रक्रिया स्वस्थ रहती है। इसके अलग अलग आसनो को करने से पाचन क्रिया तेज़ी से कार्य करती है।

एंटी एजिंग है यह योग - इसे करने से शरीर में ब्लड फ्लो काफी अच्छा रहता है। इस वजह से शरीर की सभी माँसपेशियों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुँच जाती है। जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं। साथ ही यह डार्क सर्कल्स को दूर करने में भी काफी मददगार है।

Antigravity-yoga1 इससे शरीर लचीला बनता है और ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। © Shutterstock

दिल की समस्याओं से निजात- इस योग को करने से शरीर में सभी मांसपेशियों तक काफी अच्छी तरह से और सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुँचता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी काफी अच्छी तरह से चलता है। इस वजह से हार्ट पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं पड़ता है जिस वजह से यह हार्ट को हमेशा स्वस्थ रखता है। कार्डियोवेस्कुलर स्वास्थ को भी काफी स्वस्थ रखने में मददगार होता है। इस तरह हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने का खतरा कम होता है।

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बैक पैन में आराम दें – इमें शरीर के सभी अंगों की अच्छी तरह से स्ट्रेचिंग हो जाती है जिस वजह से यह बैक पेन में काफी हद तक राहत देता है। इस योग से शरीर में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है, साथ ही रीढ़ की हड्डी को भी काफी हद तक फ्लेक्सिबल बनाता है। जिससे बैक पेन में काफी हद तक राहत मिलती है।

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वजन कम करेएंटी ग्रेविटी योग क्रियाएं करने से शरीर में कैलोरीज काफी जल्दी बर्न होती है। इस वजह पूरी बॉडी में जमा फैट काफी तेज़ी से घटाया जा सकता है।

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एकाग्रता बढ़ाने में सहायक - इस योग को करने से तनाव दूर होता है और साथ ही इसे करने से दिमाग शांत रहता है। सांसों और हाथ-पैर का परफेक्‍ट संतुलन एकाग्रता बढ़ाता है।