... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : November 16, 2017 9:40 AM IST
वैसे तो कच्चे दूध पीना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि इसमें बैक्टिरीया होता है। असल में कच्चे दूध में फैट्स, एन्जाइम्स, न्यूट्रिएन्ट्स होता है जो इम्युन सिस्टेम को बेहतर बनाता है। कुछ लोगों का मानना है कि कच्चे दूध में लाभदायक कम्पाउन्ड्स होते हैं जो पाश्चरीकृत के प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाता है। फूड एक्सपर्ट हिमानी कुमार बता रहे हैं कि क्यों कच्चा दूध पीना सेहत के नजरिये से ठीक नहीं है। जानिये कौन से दूध में होती है सबसे कम कैलोरी
असल में कच्चा दूध पीना सही नहीं होता है क्योंकि इससे बैक्टिरीयल इंफेक्शन होने का खतरा होता है। कच्चे को कन्वेशनल तरीके से पीने लायक नहीं बनाया जाता है जैसा कि पाश्चरीकृत दूध में बैक्टिरीया या माइक्रोऑर्गनाइज़्म को निष्क्रिय किया जाता है। पाश्चरीकृत दूध को 145 से 150 डिग्री फारेनहाइट तक उबालने के बाद 55 डिग्री तक ठंडा किया जाता है ताकि बैक्टिरीया मर जाये। असल में गाय और बकरी के आंत या इंटेस्टाइन में और स्टूल या मल में ई.कोली नाम का बैक्टिरीया होता है जो मनुष्य के सेहत को नुकसान पहुँचाता है। ऐसे विषाक्त दूध पीने से डिहाइड्रेशन और दस्त में से खून निकलने की बीमारी होने का खतरा होता है। क्या आपको पता है गाय और भैंस के दूध में से कौन-सा दूध पीना होता है सेहतमंद?
कच्चे दूध में लिस्टेरिया मोनोसाइटोजेनस बैक्टिरीयम भी होता है जो पाश्चरीजाइजेशन के दौरान नष्ट हो जाता है। अगर लिस्टि्रीया कच्चे दूध के साथ मनुष्य के शरीर में चला जाये तो उल्टी, दस्त और पेट में दर्द हो सकता है।
इसलिए कच्चा दूध पीने के जगह पर उबालकर दूध पीना सेहत के नजरिये से अच्छा होता है। अगर आप पाश्चरीकृत दूध खरीद रहे तो ही सीधे दूध पीना सेफ होता है।
Read this in English.
अनुवादक: Mousumi Dutta
चित्र स्रोत: Shutterstock
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.