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क्या दूध पीना दिल की सेहत के लिए अच्छा है?

पशुओं का दूध पीना चाहिए या वनपस्तियों का दूध?

दूध को लेकर कई तरह की बहस चलती रहती हैं, जैसे दूध हमारे दिल के लिए फायदेमंद है या नहीं? ज्यादातर पोषण विशेषज्ञ और न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि चूंकि दूध में सैचुरेटेड फैट भी होता है, इसलिए यह हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है और किसी के हृदय संबंधी समस्या को भी बढ़ा सकता है। लेकिन हम इस बात की अनदेखी नहीं कर सकते कि दूध पीना भी आवश्यक है। यह कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है और हड्डियों और दिल की सेहत सुधारने में मदद करता है। यही कारण है कि कुछ डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट दूध का फायदा उठाने के लिए लो-फैट दूध पीने की सलाह देते हैं।

होल मिल्क या स्किम्ड मिल्क

2014 में करेंट न्यूट्रिशन रिपोर्टस् में छपे एक अध्ययन में दिल की सेहत पर दूध के प्रभावों के बारे में पता लगाने की कोशिश की गयी। 18 स्टडीज़ पर ध्यान देकर यह निष्कर्ष निकाला गया कि डेयरी उत्पादों के सेवन से दिल की बीमारियां या उनकी वजह से किसी गंभीर समस्या या मौत की संभावना बढ़ती नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर, यह साफ हुआ कि दूध, पनीर, और दही सीधे हृदय रोग के जोखिम से जुड़े हुए नहीं हैं। स्टडीज़ की एक श्रृंखला ने सीवीडी (CVD), सीएचडी (CHD) और स्ट्रोक जैसी बीमारियों और सभी प्रकार के दूध (होल, हाफ-स्किम्ड, वसा रहित) से बनी चीज़ों जैसे पनीर, मक्खन, क्रीम, दही, और आइसक्रीम के बीच संबंधों की जांच की। 9 स्टडीज़ वाली ऐसे-ही एक मेटा-विश्लेषण में संकेत दिया गया कि डेयरी प्रॉडक्टस खाने से सीएचडी के जोखिम में 8 प्रतिशत की कमी आई है और यह साबित करता है कि दूध पीने से स्ट्रोक का जोखिम 21 प्रतिशत कम होता है।

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पशुओं का दूध या वनपस्तियों का दूध

बहुत से लोग अपने दिल की सुरक्षा के लिए दूध पीना छोड़ देते हैं या कुछ लोग गाय-भैंस के दूध की जगह सोया दूध, बादाम का दूध जैसे वनस्पतियों से मिलनेवाला दूध पीने लगते हैं। 2016 में छपी एक स्टडी में पेड़-पौधों से मिलनेवाले दूध के फायदों को समझने की कोशिश की गयी। ऐसा बताया गया कि दूध और डेयरी उत्पादों के सेवन से बचपन में मोटापे का खतरा कम होता है। तो वहीं बड़ों में, दूध से बनी चीज़ें उनकी शारीरिक संरचना में सुधार और वेट लॉस में मदद करने की बात कही। इसके अलावा, दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन टाइप 2 डायबिटीज़ और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के खतरे को कम करने से जुड़ा हुआ दिखाया गया। तो वहीं कैंसर के मामले में दूध और डेयरी उत्पादों के सेवन से कोलोरेक्टल (colorectal) कैंसर, ब्लैडर कैंसर, गैस्ट्रिक कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ा हुआ बताया गया, जबकि अग्नाशय या पैंक्रिज़ के कैंसर, ओवेरियन कैंसर या फेफड़ों के कैंसर के ख़तरे से जुड़ा हुआ नहीं है, जबकि प्रोस्टेट कैंसर के ख़तरे को साबित करने वाले सबूत असंगत है। [2]

इन दो अध्ययनों से पता चलता है कि दूध पीने से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है इसके सबूत बहुत कम हैं।

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अनुवादक: Sadhana Tiwari

चित्र स्रोत: Shutterstock, Getty Images.

संदर्भ:[1]Rice, B. H. (2014). Dairy and cardiovascular disease: a review of recent observational research. Current nutrition reports, 3(2), 130-138.

[2]Thorning, T. K., Raben, A., Tholstrup, T., Soedamah-Muthu, S. S., Givens, I., & Astrup, A. (2016). Milk and dairy products: good or bad for human health? An assessment of the totality of scientific evidence. Food & nutrition research, 60(1), 32527.

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