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जन घटाना और बढ़ाना दोनों ही इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी उम्र क्या है और आपकी लंबाई क्या है। साइंस की भाषा में इसे बीएसई इंडेक्स (BMI) कहते हैं, जिसके अनुसार ये जाना जा सकता है कि आपका वजन सही है, ज्यादा है या फिर कम है। वजन ज्यादा होने से हम मोटापे (obesity) की बीमारी के शिकार हो जाते हैं तो, अपनी उम्र और लंबाई के अनुसार वजन बहुत कम होने से हम अंडरवेट (underweight) हो सकते हैं। मोटापे के नुकसानों के बारे में तो हम में से ज्यादातर लोग जानते हैं पर अंडरवेट होने के नुकसानों के बारे (side effects of being underweight) में कम ही लोग जानते हैं। तो, आइए हम आपको बताते हैं अंडरवेट होने के नुकसान।
अंडरवेट होने का मतलब है कि आपके शरीर में कई खनिज, विटामिन और मिनरल्स की कमी होगी। इसके कारण शरीर में आयरन की भी कमी नजर आएगी जिससे आपको एनीमिया हो सकता है। एनीमिया के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है जिससे कमजोरी, चक्कर आना और कई सारी सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको एनीमिया हुआ है तो, आपको अपना वेट जरूर चेक करवाना चाहिए।
शरीर का वजन कम होना ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) के लिए आपके जोखिम को बढ़ा सकता है। दरअसल, ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां खोखली हो जाती हैं और कभी भी फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। ये अंडरवेट होने के कारण हो सकता है जिसमें कि आपके शरीर में कैल्शियम, फास्फोरस और मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है।
कुछ शोध बताते हैं कि कैसे बढ़े हुए संक्रमण और कम वजन के बीच संबंध पाया गया। दरअसल, जब आप अंडरवेट होते हैं तो आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है जो कि आपके शरीर की कई क्षमताओं को कम कर देती है। जैसे कि इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण आप बदलते मौस में मौसमी बीमारियों से अचानक से शिकार हो जाते हैं और आपको बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा इंफेक्शन और एलर्जी होगी।
कम बीएमआई वाली महिलाओं में एमेनोरिया का खतरा बढ़ जाता है, जो कि मेंस्ट्रूअल साइकिल को प्रभावित करता है। इससे आप अनियमित पीरियड्स और ओवुलेट ना कर पाने की स्थिति में आ जाती हैं। क्रोनिक एनोव्यूलेशन बांझपन का कारण बन सकता है। अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं और आपका वजन कम है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान कम वजन होना आपके बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
दिमाग की कमजोरी अंडरवेट होने के साथ जुड़ी हुई है। दरअसल, जो लोग अंडरवेट होते हैं उन्हें झटके आ सकते हैं, चक्कर आ सकते हैं और दिमागी कमजोरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में जरूरी ये है कि आप संतुलित आहार लें जिसमें कि सभी पोषक तत्व, मिनरल्स और विटामिन हो। ताकि ये आपके न्यूरल फंक्शन को भी बेहतर रखे।
अगर आपका कम वजन है तो आप अपने शरीर में कमजोरी महसूस कर सकते हैं। यहां तक कि आपकी मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं जिससे कुपोषण हो सकता है। समय के साथ, कुपोषण आपके स्वास्थ्य को कई अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है जो आपको या आपके आस-पास के लोगों के लिए ध्यान देने योग्य हो सकते हैं।
-शरीर में कई विटामिन की कमी और उनसे होने वाली बीमारी
-थका हुआ या ऊर्जा की कमी महसूस करना
-बार-बार बीमार होना या बीमारी से लड़ने में परेशानी होना
-बालों का पतला होना या बालों का ज्यादा झड़ना
अगर आप अंडरवेट हैं तो आपका शरीर किसी भी बीमारी से जल्दी नहीं उभर पाएगा। इसके अलावा इसकी वजह से आपको कोई बीमारी भी हो सकती है। जैसे टीबी, कोई संक्रामक रोग और न्यूरॉन्स से जुड़ी समस्याएं। इसलिए आपको समय-समय पर अपना बीएसई इंडेक्स चेक करते रहना चाहिए और अंडरवेट होने से बचना चाहिए।