तो इन कारणों से बेहतर है इंडियन टॉयलेट, जान लें आप भी

इंडियन टॉयलेट सिस्टम गर्भवती महिलाओं के लिए भी अच्छा है। इंडियन टॉयलेट पर आप स्क्वैट पोजीशन में बैठती हैं, जिससे गर्भाशय पर दबाव नहीं पड़ता है। इंडियन टॉयलेट सिस्टम का उपयोग करने से नॉर्मल डिलीवरी कराने में आसानी होती है।

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Written By: Anshumala | Updated : January 13, 2019 6:10 PM IST

आजकल लोगों को इंडियन टॉयलेट सिस्टम की बजाय वेस्टर्न टॉयलेट सिस्टम ज्यादा आरामदायक महसूस होता है। बेशक, ये आरामदायक है, पर उनके लिए जिन्हें पैरों और घुटनों को मोड़कर नीचे बैठने में समस्या होती है। यह बुजुर्गों के लिए भी बेहतर है पर इसका इस्तेमाल कम उम्र के लोगों के लिए ठीक नहीं है। यदि कम उम्र में ही युवा नीचे बैठना छोड़ देंगे, तो आगे चलकर उन्हें घुटनों और जोड़ों से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी हैं, जो बताते हैं कि इंडियन टॉयलेट सिस्टम वेस्टर्न टॉयलेट सिस्टम की तुलना में बेहतर क्यों और कैसे हैं?

होती है शारीरिक एक्सरसाइज

जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते, उनके लिए इंडियन टॉयलेट ही बेहतर है। इससे नीचे से ऊपर उठने-बैठने पर आपके शरीर, हाथों-पैरों का अधिक इस्तेमाल होता है। ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक तरह से होता है। पैरों की मांसपेशियां उठने-बैठने से मजबूत होती हैं। इसके अलावा दर्द से भी छुटकारा मिलता है। ऐसा वेस्टर्न टॉयलेट में बहुत कम होता है। इस पर आप आराम की मुद्रा में बैठते हैं, जिससे शरीर का ज्यादा मूवमेंट नहीं हो पाता है।

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पेट होता है अच्छी तरह से साफ

इंडियन टॉयलेट पर बैठने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। इससे पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, जिससे पेट अच्छी तरह से साफ होता है। वेस्टर्न टॉयलेट में लोग आराम से बैठते हैं। इससे पेट पर दबाव कम बनता है। ऐसे में ठीक से पेट साफ नहीं हो पाता है। पेट साफ न होने की वजह से पाचन से जुड़ी समस्याएं पैदा होती हैं।

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वेस्टर्न टॉयलेट सिस्टम में टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल अधिक होता है, जिससे कागज की बर्बादी होती है। कागज बनाने के लिए पेड़ों को काटा जाता है, जबकि इंडियन टॉयलेट सिस्टम में साबुन और कम पानी का इस्तेमाल होता है।

प्रेगनेंसी में इसका यूज है बेहतर

इंडियन टॉयलेट सिस्टम गर्भवती महिलाओं के लिए भी अच्छा है। इंडियन टॉयलेट पर आप स्क्वैट पोजीशन में बैठती हैं, जिससे गर्भाशय पर दबाव नहीं पड़ता है। इंडियन टॉयलेट सिस्टम का उपयोग करने से नॉर्मल डिलीवरी कराने में आसानी होती है।

होता है अधिक साफ

ऐसा देखा गया है कि वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करते हुए लोग साबुन से हाथ धोने की बजाय टॉयलेट पेपर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वहीं इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले लोग अच्छी तरह से साबुन से हाथ धोते हैं।

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