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Written By: intern23.seo | Published : December 28, 2023 9:30 AM IST
Image credits by: overweight Child
Overweight Kids: छोटे बच्चे गोलू-मोलू से हों तो वे सभी को खूब अच्छे लगते हैं। लेकिन तब क्या हो जब बच्चा तो बड़ा हो जाए लेकिन उसका वजन कम होने का नाम ही न ले। बढ़ा हुआ वजन न केवल बड़े लोगों बल्कि छोटे बच्चों के लिए भी काफी परेशानी का कारण बन जाता है। वहीं 5 से 15 साल के बीच के बच्चों का वजन यदि जरूरत से ज्यादा हो जाए तो ये कई तरह की बीमारियों का कारण बन जाता है। कुछ बच्चों में मोटापा मेटाबॉलिक डिसऑर्डर और अनुवांशिक कारणों से होता है। तो वहीं ज्यादातर बच्चों में मोटापा खराब-खानपान और अस्त व्यस्त दिनचर्या के कारण होता है। आज हम इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे मोटापा बच्चों में कई तरह के रोगों का कारण बन जाता है।
मेटाबॉलिक सिंड्रोम कोई एक बीमारी नहीं है बल्कि ये कई सारी बीमारियों का एक ग्रुप है। जिससे ज्यादातर 10 साल तक की आयु के बच्चे प्रभावित होते है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को दिल की समस्या और टाइप-2 डायबिटीज होने के चांस काफी हद तक बढ़ जाते हैं। मेटाबोलिक सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों के पेट के निचले भाग में बहुत ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है और इनका ब्लड प्रेशर भी हाई रहता है।
खानपान और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके इस बीमारी के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। इसके अलावा वेट लॉस करके, ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखकर भी इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में मोटापा को बढ़ने से रोकना चाहिए। इसके साथ ही डाइटीशियन की मदद से भी मोटापा कंट्रोल कर सकते हैं।
मेटाबोलिक सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों का सबसे मुख्य लक्षण है कि वह काफी ओवरवेट होने लगते हैं। ज्यादा वजन होने के कारण उनका शरीर इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंस हो जाता है। इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं में ले जाने का काम करता है। जब शरीर इंसुलिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता है तो हमारा शरीर इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंस हो जाता है।
Disclaimer-यह लेख आपकी जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य आपको किसी तरह के निष्कर्ष पर ले जाना नहीं है। यदि आप लेख में बताए गए लक्षणों में कोई लक्षण बच्चों में देखते हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.