पाना चाहते हैं मानसिक सुकून तो इस थेरेपी को आजमाकर देखें

फॉरेस्ट थेरेपी एक ऐसी थेरेपी है, जिसमें जंगल के बीच रहकर आप मानसिक और शारीरिक रूप से सुकून पा सकते हैं।

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Written By: Editorial Team | Published : August 16, 2018 1:38 PM IST

अगर हम किसी से ये सवाल करें कि क्या आपको घूमना पसंद हैं तो ऐसा शायद ही कोई इंसान मिले जो इसका जवाब ना में दे। हर कोई इसका जवाब हां में ही देगा। आजकल भाग-दौड़ भरी लाइफ में किसी को अपने काम से इतनी भी फुर्सत नहीं मिलती की वो कहीं घूमने जाने के लिए कुछ वक्त निकाल सके। लेकिन हम जो आपको बातें बताने जा रहे हैं शायद उसे पढ़कर आप कहीं घूमने जाने का प्लान जरूर बना लें क्योंकि ये सेहत पर होने वाले फायदों से भी जुड़ी हुई हैं। आप सोचेंगे की कहीं घूमने जाने से हमारी सेहत का क्या लेना-देना है तो लेना-देना बिल्कुल है। उसमें भी तब, जब आपके घूमने की जगहों में कुछ प्राकृतिक जगहें शामिल हों जैसे कि जंगल, पहाड़ आदि।

प्रकृति के करीब

यदि आप प्रकृति के नजदीक नहीं रहते, तो ऐसी जगहों पर जरूर जाएं जहां हरे-भरे पेड़ पौधे हों। और ऐसी जगह के लिए बेहतर विकल्प जंगल है, लेकिन बड़े-बड़े शहरों में आपको प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर जंगलों का आनंद कहां मिल सकता है। अगर इन शहरों में आपको कुछ मिल सकता है तो वो है पेड़-पौधों से अलग बड़ी-बड़ी इमारतों वाले कंक्रीट के जंगल। आप प्रकृति के बीच रहना चाहते हैं, तो फॉरेस्ट थेरेपी करके देखें। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपके अपने शरीर के लिए बहुत लाभदायक है। यह थेरेपी खासकर के उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो हर वक्त चिंता और तनाव में रहते हैं।

फॉरेस्ट थेरेपी की शुरुआत

यह अद्भुत प्रैक्टिस जापान में शुरू हुई थी। इस मनोरंजक अभ्यास में आपको जंगलों में आराम के लिए एक यात्रा करनी पड़ती है। एक अध्ययन के अनुसार, इस थेरेपी की शुरुआत करने का मकसद लोगों को नेचुरल चीजों की ओर आकर्षित करना है। जंगल की जगहें, ध्वनियां और गंध हमें उस पल में सही से ले जाती हैं, जिसके चलते हमारा मस्तिष्क अनुमान लगाना, याद करना और चिंता करना बंद कर देते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद

सामान्य ज्ञान कहता है कि जंगल की जगहों और ध्वनियों को लेने से व्यक्ति आराम महसूस करता है। फॉरेस्ट थेरेपी सिर्फ हमारे मस्तिष्क को ही नहीं बल्कि शरीर को भी आराम पहुचांती है। एक अध्ययन से पता चला है कि वन थेरेपी कोर्टिसोल, एक तनाव हार्मोन को कम कर देता है। एक और अध्ययन में पाया गया कि वन थेरेपी का रक्तचाप और एडीपोनेक्टिन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं ये रक्त शर्करा में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

ये ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए फॉरेस्ट थेरेपी बहुत फायदेमंद है। इसे लेने से रक्तचाप सामान्य रहता है। वन में स्नान करने से सकारात्मक भावनाओं में वृद्धि होती है, नेगेटिव भावनाएं कम हो जाती हैं और आप अपने बारे में बहुत अच्छा महसूस करते हैं यानि कि इससे चिंता, अवसाद और डिप्रेशन में आराम मिलता है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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