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शरीर को स्वस्थ रखने में जितना योगदान प्राकृतिक चिकित्सा का है उतना और किसी का नहीं हो सकता। ऐसी ही प्राकृतिक चिकित्सा है बैंबू मसाज, जिसके फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। © Shutterstock
प्राकृतिक चिकित्सा में तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए कई विधियां अपनाई जाती हैं। ऐसी ही एक विधि है बैंबू मसाज (Bamboo massage benefits)। मसाज यानी मालिश को शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह बॉडी पेन से राहत दिलाने में बेमिसाल है। साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर करती है। आइए जानें क्या है बैंबू मसाज और क्या हैं इसके फायदे (Health benefits of bamboo massage)।
बैंबू मसाज प्राकृतिक चिकित्सा थेरेपी का एक हिस्सा है। इसे मांसपेशियों को तंदरुस्त करने और मानसिक रूप से राहत पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी यह एक खास चिकित्सा एवं रिलीफ पद्धति है। इसमें बैंबू यानी बांस के टुकड़ों को गर्म कर उनसे शरीर की मालिश की जाती है। जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं।
बैंबू यानी बांस भारत में भी बहुतायत में पाया जाता है। हरा और सूखा दोनों ही बांस कई चीजों में काम आता है। प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति में बांस को भी औषधीय गुणों से परिपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि बांस के रेशे यानी बांस में मौजूद सिलिका से शरीर की मरम्मत और आराम दिलाने वाले खास तत्व मिलते हैं। बैंबू एक्स्ट्रेक्ट यानी बैंबू से निकलने वाले तत्वों में कई जरूरी खनिज मौजूद होते हैं। जो शरीर केा कैल्शियम और पोटेशियम प्रदान करते हैं।
बांस के टुकड़ों से की जाने वाली मालिश यानी बैंबू मसाज में बांस के टुकड़ों को गर्म किया जाता है। फिर रोलर की तरह इन्हें शरीर पर एक खास डायरेक्शन में घुमाया जाता है। जिससे गर्दन, पीठ, कंधों में होने वाले दर्द से निजात मिलती है।
शरीर में तनाव, दर्द और थकान होने की एक बड़ी वजह रक्त संचार की समस्या है। जब भी शरीर में रक्त संचार सही नहीं होता तो मांसपेशियों की थकान बढ़ जाती है। बैंबू मसाज से शरीर के सभी हिस्सों में रक्त संचार सुचारू रूप से होने लगता है। जिससे मांसपेशियों में फ्रेशनेस महसूस होने लगती है।
बैंबू मसाज में बांस के हल्के गर्म टुकड़ों को जब बॉडी पर घुमाया जाता है तो मस्तिष्क से तनाव खत्म करने वाले हार्मोन्स का स्राव होने लगता है। जिसकी वजह से आप रिलैक्स महसूस करते हैं। इससे आपको बेहतर नींद आती है। इससे अवसाद और तनाव के जोखिम को भी कम किया जा सकता है।
बैंबू मसाज में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। बल्कि गर्म होने से बांस में मौजूद सिलिका ही शरीर में प्राकृतिक रूप से प्रवेश करती है। जिससे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ नेचुरली बाहर निकलने लगते हैं। यह एजिंग की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। जिससे आप लंबे समय तक खुद को जवां और तरोताजा महसूस करते हैं।
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