Pranayama For Summer: गर्मी में खुद को कूल रखने के लिए रोजाना करें ये 3 प्राणायाम, जानिए प्राणायाम करने का तरीका

गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में शरीर के तापमान को सही रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से प्राणयाम करें। यहां 3 प्राणायामों के बारे में बताया गया है।

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Written By: Atul Modi | Updated : February 26, 2021 2:11 PM IST

मौसम में बदलाव के साथ गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में हमें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्‍यान रखने की आवश्‍यकता है। वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों में योग और ध्यान का अभ्यास करना संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama) करने से पूरे शरीर पर शीतलन प्रभाव पड़ता है, जिससे मन और शरीर शांत होता है। इसके अलावा शीतकारी प्राणायाम (Sheetkari Pranayama) और भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama) गर्मियों के लिए एक बेहतरीन प्राणायाम है, जिसके नियमित अभ्‍यास से शरीर का तापमान स‍ही रहता है और मन को शांति मिलती है।

विशेषज्ञ भी इन प्राणायामों का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो आपके दिमाग को आराम देने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करेगा। अगर हम शीतली प्राणायाम की बात करें तो संस्कृत में, शीतली का अर्थ है 'ठंडा', इसका मतलब 'शांत' भी होता है। यह प्राणायाम, जैसा कि नाम से संकेत मिलता है कि यह मन और शरीर को ठंडा करता है। शीतली प्राणायाम विशेष रूप से शरीर के तापमान को कम करने के लिए होता है। इसके अलावा शीतकारी प्राणायाम भी शीतलता प्रदान करता है। जबकि भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत रखने का एक प्रभावकारी प्राणायाम है।

आइए इस लेख के माध्‍यम से जानते हैं इन प्राणायामों को करने के तरीके और फायदे क्‍या हैं।

1. शीतली प्राणायाम कैसे करें? (How to Do Sheetali Pranayama In Hindi)

  • शीतली प्राणायाम को करने के लिए किसी भी आरामदायक मुद्रा में बैठें
  • अपने हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें
  • अपनी आंखें बंद करें और जीभ को रोल करें और इसे एक ट्यूब के रूप में आकार दें
  • जीभ के माध्यम से अधिकतम श्वास लें
  • जीभ को मुंह के अंदर ले जाएं और मुंह बंद करें
  • नाक के माध्यम से धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • इस प्रक्रिया को 4 बार दोहराएं।

गर्मियों में शीतली प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits Of Sheetali Pranayama In Summer)

शीतली प्राणायाम के अभ्यास के कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं:

  • यह शरीर को ठंडा करता है और नसों और मांसपेशियों को आराम करने में मदद करता है
  • उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए यह प्राणायाम बेहद फायदेमंद है
  • यह अपच और तिल्ली या अन्य संबंधित रोगों के विकारों के इलाज में मदद कर सकता है
  • यह पाचन को बढ़ावा देता है
  • यह आपको भूख और प्यास को नियंत्रित करने में मदद करता है
  • शीतली प्राणायाम का नियमित अभ्यास शरीर की प्रणाली में शांति प्रदान करता है और मन को शांत करने में मदद कर सकता है।

शीतली प्राणायाम का अभ्यास किसे नहीं करना चाहिए

जिन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर (Low Blood Pressure), अस्थमा (Asthma), सर्दी और खांसी है उन्‍हें इस अभ्‍यास को करने से बचना चाहिए। जिन्‍हें बहुत ज्‍यादा कब्‍ज रहती है वह भी शीतली प्राणायाम का अभ्‍यास न करें। इसके अलावा शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama) को सर्दियों के महीनों में भी करने से बचना चाहिए। इसे आप रोजाना 10 से 15 बार या 15 से 30 मिनट तक कर सकते हैं।

2. शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका (Sheetkari Pranayama Karne Ka Tarika)

  • शीतकारी प्राणायाम करने के लिए मुंह खुला रखें और जीभ को बाहर निकालें
  • अब अपने होंठों को घुमाकर 'ओ' का आकार बना लें
  • इसके बाद आपको मुंह से सांस लेना है और नाक से छोड़ना है
  • जब आप मुंह के माध्‍यम से सांस लेते हैं तो जीभ से होकर ठंडी हवा अंदर की ओर जाती है
  • आपको यह ध्यान रखना है कि शीतली प्राणायाम की तरह ही शीतकारी प्राणायाम भी गर्मी के मौसम में किए जाते हैं
  • सर्दियों में करने से आपको सर्दी-ज़ुकाम हो सकता है

3. भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका (Bhramari Pranayama Karne Ka Tarika)

भ्रामरी प्राणायाम एक ऐसा प्राणायाम है, जिसे करने पर भौंरे की गूंज सुनाई देती है। भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क को ठंडा रखता है। भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों की उंगलियों से अपने कान और आंखों को बंद करें और गले के माध्‍यम से 'म' ध्वनि का उच्चारण करें। जिन लोगों को सर्वाइकल से जुड़ी परेशानी है और सीनियर सिटीजन कंधों के दर्द होने पर पर इसे रुक-रुककर कर सकते हैं।

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