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Written By: Atul Modi | Updated : February 26, 2021 2:11 PM IST
आयुष मंत्रालय ने भ्रामरी प्राणायाम करने की दी सलाह...
मौसम में बदलाव के साथ गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में हमें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों में योग और ध्यान का अभ्यास करना संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama) करने से पूरे शरीर पर शीतलन प्रभाव पड़ता है, जिससे मन और शरीर शांत होता है। इसके अलावा शीतकारी प्राणायाम (Sheetkari Pranayama) और भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama) गर्मियों के लिए एक बेहतरीन प्राणायाम है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर का तापमान सही रहता है और मन को शांति मिलती है।
विशेषज्ञ भी इन प्राणायामों का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो आपके दिमाग को आराम देने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करेगा। अगर हम शीतली प्राणायाम की बात करें तो संस्कृत में, शीतली का अर्थ है 'ठंडा', इसका मतलब 'शांत' भी होता है। यह प्राणायाम, जैसा कि नाम से संकेत मिलता है कि यह मन और शरीर को ठंडा करता है। शीतली प्राणायाम विशेष रूप से शरीर के तापमान को कम करने के लिए होता है। इसके अलावा शीतकारी प्राणायाम भी शीतलता प्रदान करता है। जबकि भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत रखने का एक प्रभावकारी प्राणायाम है।
आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं इन प्राणायामों को करने के तरीके और फायदे क्या हैं।
शीतली प्राणायाम के अभ्यास के कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं:
जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure), अस्थमा (Asthma), सर्दी और खांसी है उन्हें इस अभ्यास को करने से बचना चाहिए। जिन्हें बहुत ज्यादा कब्ज रहती है वह भी शीतली प्राणायाम का अभ्यास न करें। इसके अलावा शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama) को सर्दियों के महीनों में भी करने से बचना चाहिए। इसे आप रोजाना 10 से 15 बार या 15 से 30 मिनट तक कर सकते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम एक ऐसा प्राणायाम है, जिसे करने पर भौंरे की गूंज सुनाई देती है। भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क को ठंडा रखता है। भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों की उंगलियों से अपने कान और आंखों को बंद करें और गले के माध्यम से 'म' ध्वनि का उच्चारण करें। जिन लोगों को सर्वाइकल से जुड़ी परेशानी है और सीनियर सिटीजन कंधों के दर्द होने पर पर इसे रुक-रुककर कर सकते हैं।