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Written By: Jitendra Gupta | Updated : October 3, 2020 6:06 PM IST
सेब, अनार से लेकर फूलगोभी तक कौन सी सब्जी है ताजी और कौन सी बासी? ऐसे लगाएं पता, हेल्दी चुनें और हेल्दी रहें
हमेशा से ऐसा कहा जाता रहा है कि हमें ताजी फलों और सब्जियों का ही सेवन करना चाहिए लेकिन इनके ताजेपन का अंदाजा कैसे लगाया जाए ये शायद ही किसी को लगाना आता हो। इस लेख में हम आपको ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपको कुछ मदद मिल सकती है। आप इन तरीकों का उपयोग करके यह पहचानने की कोशिश कर सकते हैं कि फल और सब्जियां ताजी है या नहीं। इसके अलावा कई दुकानदार फलों और सब्जियों को ताजा दिखने के लिए जड़ों और फलों के सिरे को काट देते हैं। आमतौर पर सेब और अनार जैसे महंगे फलों के साथ ऐसा ही होता है। और तो और कई सब्जियों पर पानी छिड़कते हैं ताकि वे नमी से अधिक ताजा दिखाई दें। आमतौर पर पत्तेदार सब्जियों के साथ ऐसा होता है। मिट्टी के निशान जड़ आधारित सब्जियों के लिए समान रूप से काम करते हैं।
सेब फाइबर सहित कई पोषक तत्वों से भरा होता है इसलिए लोग इसे खूब खाना पसंद करते हैं। लेकिन सेब ताजा हो तभी आपको ज्यादा फायदा मिलेगा। जी हां, सेब ताजा है या नहीं इसका पता आप उसकी जड़ यानी की ऊपरी सिरे से लगा सकते हैं। सेब के सिरे को देखकर ही इसकी ताजगी का पता लगाया जा सकता है। अगर इसका सिरा सूख गया है तो इसका मतलब है कि यह ताजा नहीं है। ताजे सेब का सिरा सूखा नहीं होता है। इसके अलावा सेब की बाहरी त्वचा अगर सिकुड़ी हुई है तो सेब ताजा नहीं है।
खून की कमी को पूरा करने वाला अनार भी ताजा ही खाना चाहिए क्योंकि बासी अनार में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इसके ताजेपन का पता लगाने के लिए आप इस फूल के भी सिरे को देखें। ताजे अनार की सभी पंखुड़ियां ऊपर की ओर होती हैं साथ ही वे टूटती भी नहीं हैं और आसानी से झुक भी जाती हैं। जबकि अनार अगर ताजा नहीं हैं तो इस फल का सिरा टूटा हुआ होगा, मुड़ा हुआ होगा और सूखा हुआ भी होगा। साथ ही इसका छिलका बहुत सख्त और खुरदरी दिखाई देगा।
गाजर के छिलके और जड़ों को देखें। ताजी गाजर का छिलका एक समान दिखाई देता है जबकि बासी गाजर या फिर काफी दिन की रखी हुई गाजर के छिलके पर सफेद धब्बे नहीं होते हैं।
ताजी फूलगोभी का रंग बिल्कुल सफेद होता है। लेकिन जब गोभी को लंबे समय तक स्टोर कर रखा जाता है तो कभी-कभी फूलगोभी पर भूरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं और ऐसा ऑक्सीकरण के कारण होता है खासकर जब गोभी को लंबे समय तक स्टोर कर रखा जाता है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि कभी-कभी ये भूरे रंग के धब्बे आम होते हैं। लेकिन ये भूरे रंग के धब्बे काले धब्बों में बदल जाते हैं। इसलिए इस तरह की गोभी को नहीं खरीदा जाना चाहिए क्योंकि ये बिल्कुल ताजी नहीं होती है।
पपीते को खरीदते वक्त हमेशा चमकीले रंग का ही चुनाव करें। अगर पपीते का छिलका हल्का और टूटा हुई दिखाई दे तो उसे न लें।