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अभिनेत्री श्रुति हासन (Shruti Haasan is dealing with PCOS and endometriosis) ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया कि वो पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) से जूझ रही हैं। इंस्टाग्राम में एक लंबे नोट में हासन ने साझा किया कि वह सबसे खराब हार्मोनल असंतुलन का अनुभव कर रही है। हालांकि, वह अपनी स्थिति को लड़ाई के रूप में देखने से इनकार करती है। वे इसे नेचुरल मान रही हैं और अपनी सूजन और चयापचय संबंधी चुनौतियों का सामना करने का फैस ला किया है, जिसमें उसे सही खाना, अच्छी नींद लेना और अपने एक्सरसाइज को एंजॉय करना शामिल होगा।
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साथ ही उन्होंने एक्सरसाइज करते हुए वीडियो भी शेयर कि है जिसमें वो अलग अलग प्रकार की एक्सरसाइज करती नजर आ रही हैं। तो, ये जानना बेहद दिलचस्प होगा कि पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस की समस्या एक्सरसाइज किस तरह से हमारी मदद करता है।
पीसीओएस एक हार्मोनल विकार है, जो प्रजनन आयु की महिलाओं में आम है। इसके कारण शरीर में कई समस्याएं होने लगती हैं। जैसे कि
-पीरियड्स के दौरान तेज दर्द
-इनफर्टिलिटी
-गर्भाशय के अंदर और बाहर एक परत का जमना
-मोटापाट
-मूड स्विंग्स
-सूजन
-खराब मेटाबोलिज्म
ऐसे में एक्सरसाइज इन समस्याओं को संतुलित करने और इससे बाहर निकलने में मदद करता है। एंडोमेट्रियोसिस के लिए सबसे अच्छे व्यायाम में कम से मध्यम प्रभाव वाले वर्कआउट शामिल हैं। आपके लक्षणों की गंभीरता के आधार पर, एक्सरसाइट रूटीम और सबके लिए अलग होती है। ऐसे में आप कई प्रकार की एक्सरसाइज कर सकते हैं। जैसे कि
-कम से मध्यम प्रभाव वाले वर्कआउट में स्विमिंग, तेज चलना और साइकिल चलाना शामिल हैं।
-स्ट्रेचिंग, रिलैक्सेशन और स्ट्रेंथिंग एक्सरसाइज भी कर सकती है।
-इसके अलावा आप योग, पिलेट्स, ताई ची और प्रति सप्ताह लगभग 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी कर सकती हैं।
-पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए कीगेल एक्सरसाइज, हैप्पी बेबी पोज और स्लाइड एक्सरसाइज कर सकती हैं।
- बस सप्ताह के अधिकांश दिनों में 30 से 60 मिनट व्यायाम करने का लक्ष्य रखें।
पीसीओएस में तेज गति से करने वाले एरोबिक एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद है। ये महिलाओं में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद करता है। इससे पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस में शरीर में तेजी से हो रहे बदलावों को कंट्रोल किया जा सकता है।
बेस्ट प्रैक्टिस एंड रिसर्च क्लिनिकल ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित पीसीओएस में लाइफस्टाइल इंटरवेंशन की एक शोध समीक्षा में पाया गया कि व्यायाम से वजन, पेट की चर्बी और फास्टिंग इंसुलिन के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। एक्सरसाइज पीसीओएस के साथ सभी वजन स्तर की महिलाओं को अपना वजन कम करने या इसे संतुलिए बनाए रखने में मदद कर सकता है ताकि उन्हें स्वस्थ दिखने और महसूस करने में मदद मिल सके।
हाल के एक अध्ययन के अनुसार, एक्सरसाइज करने से पीसीओएस वाली महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करने और चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। ये शरीर में मेटाबोलिज्म को सही करता है और एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन के बैलेंस को सही रखने में मदद करता है।
मध्यम गति वाले एरोबिक एक्सरसाइज और योगा पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये चिंता के स्तर में कमी ला सकते हैं और मूड स्विंग्स कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए आप स्विमिंग, साइकिल चलाना, पैदल चलना या दौड़ना जैसी एक्सरसाइज का चुनाव कर सकती हैं।