इन वजहों से ठंड में बढ़ जाता है अस्थमा अटैक का खतरा, इन तरीकों से रखें खुद को सुरक्षित

Asthma Attack :  सर्दियों में अस्थमा अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी है। आइए जानते हैं ठंड में अस्थमा रोगी कैसे रहें सुरक्षित?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : January 10, 2023 4:39 PM IST

Asthma Attack : सर्दियों का सीजन खूब मौज-मस्ती और खानपान का होता है। यह सीजन कई लोगों का पसंदीदा मौसम है, लेकिन यह खुशनुमा मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियों को भी लाती हैं। मुख्य रूप से बढ़ते ठंड की वजह से इस सीजन में अस्थमा अटैक का खतरा काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में सांस से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। अस्थमा एक श्वसन से संबंधित बीमारी है। इस बीमारी के कारण श्वसन नली में सूजन आ जाती है, जिस वजह से मरीजों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। 

ठंड में क्यों रहता है अस्थमा अटैक का खतरा?

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते ठंड के मौसम में सांस की नली के सिकुड़ने लगती है। इसके साथ ही इस सीजन में प्रदूषण बढ़ने का भी खतरा काफी ज्यादा रहता है। इन स्थितियों की वजह से अस्थमा अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा सर्दियों में कमजोर इम्यूनिटी भी अस्थमा अटैक का कारण है। इसलिए इस सीजन में अस्थमा रोगियों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। 

ठंड में अस्थमा रोगी कैसे करें बचाव?

ठंड में अस्थमा रोगियों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। आइए जानते हैं बचाव के टिप्स-

गर्म कपड़े जरूर पहनें

सर्दी में अस्थमा मरीजों को गर्म पहनने पहनने की जरूरत होती है। खासतौर पर इस सीजन में आप ऊनी कपड़े पहनें। ठंड हवाओं से बचने के लिए नाक, कान, गले को अच्छी तरह के ढककर रखें। इससे आपका शरीर गर्म होगा। साथ ही आप अस्थमा अटैक के खतरे से बच सकते हैं। 

धुएं से बचाव है जरूरी

अस्थमा मरीजों को धुएं से बचाव की जरूरत होती है। सर्दियों में कई लोग ठंड से बचने के लिए आग चलाते हैं। इसकी वजह से वातावरण में धुंआ काफी ज्यादा बढ़ जाता है। अस्थमा रोगियों को इन धुंओं से बचने की जरूरत होती है। इसके साथ ही अगर आपको साइनस की परेशानी है, तो धुएं से बचकर रहें। इससे आपकी समस्या अधिक बढ़ सकती है।

ठंड में पिएं गुनगुना पानी 

सर्दियों में खांसी-जुकाम की परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में अस्थमा अटैक का भी खतरा रहता है। अगर आप अस्थमा की समस्याओं से बचना चाहते हैं तो पानी को गुनगुना करके ही पिएं। गुनगुना पानी पीने से फेफड़ों में बलगम की परेशानी कम हो सकती है। साथ ही आप कई अन्य तरह की समस्याओं से भी बच सकते हैं।

धूम्रपान और एल्कोहल से रहें दूर

अस्थमा और साइनस रोगियों को ठंड के सीजन में धूम्रपान और एल्कोहल से बचने की जरूरत होती है। धूम्रपान का सेवन करने से आपके फेफड़ों पर असर पड़ता है, जिससे परेशानी बढड सकती है। इसलिए कोशिश करें कि इस सीजन में अस्थमा अटैक से बचने के लिए इन चीजों से दूरी बनाकर रखें। 

मुंह से न लें सांस

कई लोग सांस नाक से लेने के बजाय मुंह से लेने लगते हैं। ऐसे में आपकी परेशानी बढ़ सकती है। मुंह से सांस लेने पर अधिक मात्रा में ठंडी हवा श्वसन नली में पहुंच जाती हैं, जिसकी वजह से सांस लेने का मार्ग अवरुद्ध होने सकता है। इसकी वजह से फेफड़ों की परेशानी बढ़ सकती है। 

ठंड बढ़ने पर अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अपने शरीर को सुरक्षित रखने की कोशिश करें। साथ ही अगर आपको अस्थमा अटैक के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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