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Written By: Atul Modi | Updated : May 26, 2024 11:54 AM IST
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मोटापा आधुनिक समाज के लिए एक अभिशाप बनकर उभरा है जो अपने साथ भयंकर बीमारियां लेकर आता है और आपकी अच्छी खासी ज़िन्दगी को तबाह करके रख देता है। मोटापे से होने वाली बीमारियों की एक लम्बी लिस्ट है जिसमे डायबिटीज, दिल की बीमारी और महिलाओं में प्रजनन से जुड़ी समस्याएं शामिल है। वजन बढ़ने की वजह से आपके शरीर के अंदर और बाहर बहुत सारे बदलाव आते हैं, यही परिवर्तन महिलाओं में इनफर्टिलिटी का कारण भी बनते हैं।
मोटापे की समस्या एक वैश्विक स्तर की समस्या बन गयी है जिसकी शिकार महिलाओं को कन्सीव करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। द लासेंट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इसके आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। भारत की लगभग 4.4 करोड़ महिलाएं मोटापे की चपेट में आ चुकी हैं और अनचाहे ही उन बीमारियों से जूझ रही हैं जो बढ़ते वजन के साथ उनके शरीर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही हैं। आश्चर्य की बात यह है कि मोटापे से प्रभावित लोगों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इसके कारण चाहे जो भी हों लेकिन परिणाम बहुत बुरे हो सकते हैं।
इस विषय में आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा का कहना है कि मोटापे की वजह से बहुत सी बीमारियां हमारे शरीर में अपना घर बना लेती हैं लेकिन महिलाओं में यह इनफर्टिलिटी से जुड़े कारकों को बढ़ावा दे सकता है। किसी भी महिला के लिए मां बनने का सुख बेहद खुशनुमा और अतुलनीय होता है लेकिन जब आपकी छोटी सी लापरवाही की वजह से इस ख़ुशी में बाधा आ जाये तो इंसान तनाव का शिकार भी हो सकता है। इसलिए मोटापे से होने वाली गंभीर समस्यों को यहां समझने की कोशिश करेंगे।
WHO (World Health Organization) के अनुसार जब कोई कपल बच्चे की चाहत रखते हुए एक साल तक असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाता है लेकिन कन्सीव करने में असफल हो जाता है तो उसे इनफर्टिलिटी की समस्या कहते हैं।
इनफर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि मोटापे की वजह से महिलाओं में हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है जिसकी वजह से PCOS, अनियमित पीरियड्स और ओवरी की फंक्शनिंग में दिक्कत हो सकती है। आप देख सकते हैं कि यह सभी कारक किसी न किसी रूप में महिला के प्रजनन से सम्बंधित है इसलिए आप यह कह सकते हैं कि मोटापा का सम्बन्ध एक महिला की प्रजनन क्षमता से है और बढ़ता वजन इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है।
हार्मोनल असंतुलन की वजह से PCOS, डायबिटीज, और थायरॉइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। अगर अपने आस पास एक नजर डालें तो आप देखेंगे कि PCOS की समस्या ज्यादातर उन्ही महिलाओं को होती है जिनका वजन ज्यादा होता है। इससे ओवेरियन सिस्ट की समस्या उत्पन्न होती है और उससे प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होती है।
डॉक्टर्स का मानना है कि जिन महिलाओं का वजन एक हद से ज्यादा बढ़ जाता है उनको प्राकृतिक रूप से कन्सीव करने में दिक्कत तो होती ही है साथ ही इनमें IVF जैसी मॉडर्न तकनीकों के भी सफल होने की सम्भावना कम हो जाती है। बात सिर्फ इनफर्टिलिटी की नहीं है बल्कि उसके साथ अन्य बीमारियां ब्रेस्ट कैंसर या अंडाशय का कैंसर भी हो सकता है।
अगर आप प्रेगनेंसी के बारे में सोच रही हैं और अपने बढ़ते हुए वजन से परेशान हैं तो बेहतर यही होगा कि आप किसी एक्सपर्ट डॉक्टर से संपर्क करें और उनके निर्देशानुसार पहले अपने वजन को नियंत्रित करें। जब आप एक संतुलित वजन मेंटेन कर लेती हैं तो आप भविष्य में होने वाली बहुत से जोखिम कारकों को मात देने में सफलता हासिल कर लेती हैं और प्राकृतिक रूप से माँ बनने में भी सफल हो सकती हैं।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.