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आख़िर क्यों ज़रूरी है अच्छी नींद लेना?

मोबाइल बंद करें पूरी नींद लें।

आजकल लोगों का लाइफ स्टाइल ऐसा हो गया है कि सोने का समय निश्चित होना तो दूर पूरी नींद यानि छह-सात घंटे तक भी नहीं सोते हैं। इस अपर्याप्त नींद से तरह-तरह से बीमारियों से लोग ग्रस्त होते जाते हैं। पढ़े- 6 घंटे की नींद लेने वालों को सर्दी-ज़ुकाम का ख़तरा कम!

एक ताजा अध्ययन के मुताबिक स्वस्थ रहने के लिए न सिर्फ पूरी नींद लेना जरूरी है, बल्कि सोने का समय भी निश्चित होना चाहिए। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार प्रतिदिन एक निश्चित समय पर सोना स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेशर इलिया काराटसोरियोज ने चूहों को उनके नियमित नींद चक्र से जगा दिया और पाया कि पूरी नींद लेने के बाद भी उनकी नींद की गुणवत्ता का स्तर अच्छा नहीं था। काराटसोरियोज ने कहा, 'यह निद्रा प्रणाली की अनियमितता को स्पष्ट करता है। लंबे समय में जीव के स्वास्थ्य पर इसका गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है।' पढ़े- अच्छी नींद से बढ़ता है सेक्स प्लेज़र

नींद से संबंधित अधिकांश शोध केवल नींद की कमी या जीव के लिए नींद की कुल मात्रा की जरूरत पर ही केंद्रित होते हैं। काराटसोरियोज और उनके सहयोगियों का यह शोध मस्तिष्क आधारित घड़ी पर नई रोशनी डालता है जो कि विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं की लय को नियंत्रित करती है। यह चक्र पौधों और एक कोशिकीय जीवों सहित ऐसे जीवों में पाया जाता है जो 24 घंटे से अधिक जीवित रहते हैं। पढ़े- काम के वक्त नींद, बूरी बात (क्या करें)

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शोधकर्ताओं ने पाया नींद के चक्र में बदलाव के कराण रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और रोगग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। शोधकर्ताओं अनुसार, 'आधुनिक समाज में देर रात तक रोशनी, शिफ्ट में काम, अत्यधिक श्रम और मोबाइल और टेबलेट से निकलने वाली नीली रोशनी के कारण हमारा नींद चक्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।' पढ़े- अच्छी नींद के लिए इन 6 तरीकों से करें जायफल का इस्तेमाल

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत:  Shutterstock


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