... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST
Research has shown that having small frequent meals has a range of health benefits. It helps with your digestion, keeps your metabolism in check, etc. Look at any diet plan recommended by a nutritionist and you’ll see that it has been broken into small, frequent meals. If you’re a housewife or a bachelor, who looks at food as means of survival – think again! Eating just two meals per day could be causing your body more harm than you know.
मूल स्रोत -IANS Hindi
वेट लॉस करने के लिए डाइटिंग करने का मतलब है उबाऊ खाना। लेकिन हाल के एक अनुसंधान से ये बात सामने आई है कि कैलोरीयुक्त टेस्टी खाना खाकर भी घटाया जा सकता है वज़न। यहां तक कि कुछ ऐसे मसालें है जिनको आप अपने डायट में शामिल करके बिना डाइटिंग किए वज़न घटासकते हैं।
डाइटिंग करने वालों के लिए अच्छी खबर है कि फिट रहने के लिए सिर्फ सलाद पर निर्भर रहने की अपेक्षा उच्च कैलोरीयुक्त चॉकलेट और मांस (स्टीक) कहीं अधिक लाभकारी हो सकता है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' ने हावर्ड यूनिवर्सिटी के पोषण विशेषज्ञ डेविड लुडविग के हवाले से कहा है, 'डाइटिंग करने वाले अधिकांश व्यक्ति शुरुआत में ही हार मान लेते हैं, क्योंकि लगातार कम वसायुक्त, कम कैलोरीयुक्त स्वादहीन भोजन करते रहना कभी-कभी काफी कठिन हो जाता है।' उन्होंने बताया कि कम वसायुक्त पारंपरिक व्यंजनों में वसा की जगह कार्बोहाइड्रेट और शर्करा की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर को उपवास की उस मुद्रा में ले जाता है जहां से भूख लगने का विषम चक्र शुरू हो जाता है।
लुडविग ने 2012 में हुए अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, वह अध्ययन दर्शाता है कि समान ऊर्जायुक्त मध्यम या उच्च वसायुक्त पारंपरिक भोजन ग्रहण करने पर लोगों ने जितनी कैलोरी बर्न की उसकी अपेक्षा जिस दिन उन्होंने कम वसायुक्त भोजन किया उस दिन वे 325 कैलोरी ऊर्जा कम बर्न कर पाए।
लुडविग के अनुसार, लजीज और अपनी पसंद का खाना न केवल आपका पेट भरता है, बल्कि आपकी भूख को भी लंबे समय के लिए शांत कर देता है, जिससे आपको काफी समय तक भूख नहीं लगती। लंदन के हृदय रोग विशेषज्ञ असीम मल्होत्रा ने इस अध्ययन का स्वागत किया है।
मल्होत्रा ने कहा, 'कम वसा वाला आहार आधुनिक चिकित्सा में सबसे बड़ी आपदाओं में से एक हो गया है। मुझे लगता है कि इसकी वजह से मोटापे ने महामारी का रूप ले लिया है। यह समय है कि हमें कैलोरी को मापना छोड़कर पारंपरिक भोजन की तरफ ध्यान देना चाहिए।'
चित्र स्रोत - Shutterstock