
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 18, 2017 1:47 PM IST
ओलम्पिक खेलों में किसी भी खिलाड़ी के लिए खेलना सम्मान की बात होती है और गेम्स में एक बड़ी सफलता या मेडल जीतना और भी बड़ा सम्मान होता है। पीवी सिंधु भी ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं जिन्होंने देश का सम्मान बढ़ाने के साथ अपने परिवार का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया है।
आप भी देखिए किस तरह सिंधु ने बनाया फाइनल्स में अपना स्थान
पीवी सिंधु ने भारत की ओर से खेलते हुए गुरूवार को रियो ओलम्पिक में महिला बैडमिंटन फाइनल्स में प्रवेश किया। फाइनल में सिंधु का मुकाबला दुनिया की नंबर वन कैरोलिना मारिन (स्पेन) के साथ होगा जहां वो भारत के लिए स्वर्ण जीतने की पूरी कोशिश करने की बात कह चुकी हैं। तो वहीं पूरे देश की उम्मीदें पीवी सिंधु के साथ जुड़ी हुई हैं और करोड़ों भारतवासी उनकी सफलता के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
इतनी बड़ी लोकप्रियता और प्यार पानेवाली पीवी सिंधु की माता पी विजया ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने भावनाएं व्यक्त कीं। अपनी बेटी की मेहनत, उसकी काबलियत और लगन के बारे में चर्चा करते हुए पी विजया ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी बेटी देश और परिवार को रियो ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतकर सम्मान और खुशी का एक अवसर प्रदान करेगी।
दो बार की विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता सिंधु ने सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-19, 21-10 से हराकर ओलिंपिक फाइनल में प्रवेश किया। 21 वर्षीया सिंधु की भिड़ंत अब शुक्रवार को दो बार की विश्व चैंपियन केरोलिना मारिन से होगी।
सिंधु ने कहा, 'मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक है और मैं इसके लिए पूरी जी जान लगा दूंगी। मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। सभी का लक्ष्य ओलिंपिक पदक होता है और मेरा एक बाकी है। निश्चित रूप से मुझे लगता है कि मेरे अवसर हैं।'
गौरतलब है कि पीवी सिंधु 9 वर्ष की उम्र से ही पुलेला गोपीचंद की देखरेख में बैडमिंटन की ट्रेनिंग ले रही हैं और सिंधु की इस सफलता में उनके गुरु गोपीचंद का योगदान प्रशंसनीय है।
वीडियो स्रोत- YOUTUBE/Relax Yourself Rofl & PoliticsViral.