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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST
Prime Minister Narendra Modi INCOFYRA
मूल स्रोत -IANS Hindi
योग के महत्व को कोई भी नकार नहीं सकता है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयास से अब योग के महत्व को पूरे विश्व ने मान लिया है। वैसे तो ये भारत की संस्कृति का धरोहर है जो अब विश्व का धरोहर बन चुका है। योग के बारे में सबसे बड़ी बात ये है कि पारंपरिक औषधि का एक रूप है। योग के पास हर मर्ज की दवा है। सामान्य बीमारी से लेकर क्रॉनिक हर रोग का इलाज योग के द्वारा किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए धैर्य, विश्वास, समय और सही निर्देशन की ज़रूरत है।
21 जून को मोदी द्वारा संचालित इंटरनेशनल योग दिवस के अवसर पर 192 देशों ने भाग लेकर इसके महत्ता को स्वीकार किया है। भारत योग के द्वारा संपूर्ण स्वस्थ रहने के पथ विश्व को संचारित कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि योग की लोकप्रियता पूरी दुनिया में फैल रही है। यह अब विश्व धरोहर है। इंटरनेशनल कांफ्रेंस आन फ्रंटियर्स इन योगा रिसर्च एंड इट्स एप्लीकेशन (आईएनसीओएफवाईआरए) के 21वें संस्करण के उद्घाटन के मौके पर मोदी ने कहा, 'योग अब विश्व धरोहर है। दुनिया भारत की इस पारंपरिक औषधि को बेहद उत्साह से अपना रही है।'
मोदी ने कहा, 'योग की इस शक्ति में विश्वास और मानवता में आस्था के बल पर मैंने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस पहल (अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस) का प्रस्ताव रखा था।' मोदी ने कहा कि 21 जून 2015 को 192 देशों के दस लाख लोगों ने योग दिवस मनाया था।
विवेकानंद योग अनुसंधान द्वारा 3 से 7 जनवरी तक आयोजित आईएनसीओएफवाईआरए का मकसद आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और आधुनिक दवाओं के बीच तालमेल बनाना है।
चित्र स्रोत - Shutterstock