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कॉफी में बेशक कैफीन पाया जाता है लेकिन फिर भी इससे आपको कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। कैफीन से आपकी सहनशक्ति में सुधार होता है और आपके अंगों की रक्षा होती है। लेकिन आपको दिन में दो कप से ज्यादा कॉफी नहीं पीने चाहिए। ज्यादा कॉफी पीने से आपको अनिद्रा, बेचैनी, चिंता, दस्त, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वैसे अगर आप कॉफी के शौकीन हैं, तो आप डिकैफ कॉफी (decaf coffee) यानि ट्राई कर सकते हैं। इससे भी आपको कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
1) डिकैफ कॉफी क्या है?
डिकैफ या डिकैफ़िनेटेड कॉफी में 97 फीसदी कैफीन सामग्री हटाई गई है। इसका मतलब यह हुआ कि इस कॉफी में कैफीन की मात्रा केवल तीन फीसदी होती है। डिकैफ़िनेशन में मुख्य रूप से आर्गेनिक सॉल्वैंट्स, पानी या कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग शामिल है।
2) एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
इसमें में कई फाइटोकेमिकल्स होते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि होती है जो फ्री रेडिकल्स को हटाती है। वास्तव में इससे आपको भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं। अच्छी खबर यह है कि डिकैफ़िनेशन प्रोसेस से कॉफी के एंटीऑक्सिडेंट्स सामग्री को प्रभावित नहीं करती है। लेकिन डीकैफ प्रोसेस के बाद एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा में थोड़ा अंतर हो सकता है।
3) समयपूर्व मृत्यु का जोखिम कम
एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने 41,736 पुरुष और 86,214 महिलाओं को लेकर एक रिसर्च की, जिसमें वो यह जानना चाहते थे कि क्या कॉफी पीने से हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसका यह निष्कर्ष निकला कि डिकैफ पीने से समयपूर्व मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है।
4) टाइप 2 डायबिटीज का कम जोखिम
डिकैफ़ प्रोसीजर कॉफी की स्वस्थ सामग्री के साथ गड़बड़ नहीं करता है। अध्ययनों से यह पुष्टि की है कि दोनों डिकैफ़ और कैफीफ़ेनेटेड कॉफी टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम कर देते हैं।
5) उम्र संबंधी बीमारियों से बचाती है
कैफीनयुक्त और डिकैफ कॉफी दोनों का उम्र संबंधी रोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्ययनों से यह पता चलता है कि डिकैफ कॉफी अल्जाइमर्स और पार्किंसंस जैसे डिग्रेटिव तंत्रिका रोगों को भी रोक सकती है।
6) एसिडिटी कम करती है
ऐसा माना जाता है कि कॉफी पीने से एसिडिटी और हीटबर्न की ज्यादा शिकायत होती है। लेकिन अगर इसमें से कैफीन हटाने पर आपको एसिड रिफ्लक्स की संभावना कम हो जाती है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
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