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तेजपत्ता खाकर बने सेहतमंद, जानें इस गरम मसाले के हेल्दी फायदे

टाइप-2 डाइबीटिज का खतरा कम करता है तेजपत्ता !

भारतीय मसाले अपने स्वाद, खूश्बू के साथ-साथ अपनी चिकित्सिय गुणों के लिए लोकप्रिय हैं। ऐसा ही एक बेहतरीन मसाला है तेजपत्ता। आमतौर पर लोग तेजपत्ते का इस्तेमाल अपने भोजन में तड़के के लिए करते हैं। लेकिन हेल्दी रहने के लिए भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हम बताते हैं तेजपत्ता खाने के बेहतरीन फायदे।

टाइप-2 डाइबीटिज का खतरा कम करता है- इसको पावडर के रूप में चूर्ण करके रोज सेवन करने से यह ब्लड-ग्लूकोज, ट्राइग्लिसेराइड, और कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करके टाइप-2 डाइबीटिज के खतरे को कम करने में मदद करता है। तेजपत्ता का पावडर बनाकर रोजाना थोड़ा-थोड़ा खाना मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद होता है।

हजम शक्ति को बढ़ाता है- इसमें एक प्रकार का एन्जाइम होता है जो बदहजमी को दूर करके कब्ज़, एसिडिटी और पेट के गड़बड़ी से राहत दिलाने में मदद करता है। चाय में तेजपत्ता डालकर इसका काढ़ा बना लें।

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सर्दी-खाँसी और फ्लू से राहत दिलाता है- तेजपत्ता श्वास संबंधी समस्या से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है। दो-तीन तेजपत्तों को पानी में उबाल लें और उसमें एक तौलिये को भिगोकर सीने पर रखने से सर्दी-खाँसी के कष्ट से राहत मिलती है और बुखार होने पर इसका काढ़ा पीने से भी बहुत आराम मिलता है।

गठिया के दर्द को कम करता है- तेजपत्ते का एन्टी-इन्फ्लैमटोरी गुण गठिया के दर्द से राहत दिलाने में सहायता करता है। कैस्टर ऑयल और तेजपत्ते के तेल को एक साथ मिलाकर गठिया के दर्द वाले जगह पर लगाने से सूजन और दर्द से राहत मिलती है।

दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है- इसमें जो फाइटो-न्यूट्रिएन्ट्स होते हैं वे दिल के कार्य-कलाप को स्वस्थ तरीके से करवाकर दिल का दौरा पड़ने की संभावना को कम करते हैं। तीन सौ लीटर पानी में तीन ग्राम तेजपत्ता और तीन ग्राम गुलाब की पंखुड़ियाँ डालकर काढ़ा जैसा बना लें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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