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GOLO Diet: क्या है गोलो डायट? जाने वेट लॉस के लिए क्यों हो रही है यह पॉप्युलर और किसे करनी चाहिए यह डायट फॉलो

इस डायट प्लान में इंसुलिन मैनेजमेंट, एक्सरसाइज और लो-कैलोरी डायट के साथ, पोर्शन कंट्रोल और प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज जैसे नियम फॉलो करने पड़ते हैं। (GOLO Diet for Weight Loss)

GOLO Diet for Weight Loss: वेट लॉस के लिए लोग अलग-अलग तरह की डायट्स फॉलो करते हैं और मकसद केवल यही होता है कि हेल्दी तरीके से वेट लॉस हो जाए और सेहत पर इसका बुरा असर ना पड़े। गोलो डायट (GOLO Diet) एक ऐसा ही ऑप्शन है जिसे धीरे-धीरे लोकप्रियता मिल रही है। इस डायट के बारे में पहली बार 2016 में सुना गया और कुछ एक्सपर्ट्स गोलो डायट को उन लोगों के लिए कारगर मानते हैं जो मोटापे या डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित हैं।

किसे फॉलो करनी चाहिए गोलो डायट?

गोलो डायट में कैलोरी इंटेक पर काफी ध्यान दिया जाता है। इसीलिए, यह वेट लॉस के लिए एक फायदेमंद डायट मानी जा रही है। इस प्रकार की डायट में ऐसे फूड्स का समावेश किया जाता है जो लो-कैलोरी हों और शरीर की मेटाबॉलिक रेट बढ़ाते हो। गोलो डायट का फायदा ना केवल वेट लॉस है बल्कि, यह वेट मैनेजमेंट के लिहाज से भी कारगर है। इसमें,  आमतौर पर डायट करने वाला व्यक्ति 30 दिन, 60 दिन या 90 दिनों का एक वेट लॉस प्रोग्राम फॉलो करता है।
इस डायट प्लान में इंसुलिन मैनेजमेंट, एक्सरसाइज और लो-कैलोरी डायट के साथ, पोर्शन कंट्रोल और प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज जैसे नियम फॉलो करने पड़ते हैं। जहां तक बात इस डायट को आज़माने की है तो एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जो किसी बीमारी या मेडिकल कंडीशन से जूझ नहीं रहा और जिसका किसी प्रकार का इलाज ना चल रहा हो वह गोलो डायट फॉलो कर सकता है। हालांकि, किसी भी डायट या एक्सरसाइज प्लान को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में विचार-विमर्श ज़रूर करें।

कैसा होता है गोलो डायट प्लान?

गोलो डायट में आमतौर पर दिनभर में 1300 कैलोरी से 1800 कैलोरी वाला भोजन किया जा सकता है। इस डायट प्लान में लोगों को प्रतिदिन 3 मील खाने की अनुमति होती है। गोलो डायट में प्रोटीन, कार्ब्स, फैट्स और पानी के अलावा मैग्नीशियम, ज़िंक और क्रोमियम जैसे पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा प्राप्त करने के हिसाब से डायट प्लान बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए यहां हम एक डायट प्लान लिख रहे हैं जिसके आधार पर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि गोलो डायट प्लान में किस तरह का डायट फॉलो की जाती है।

ब्रेकफास्ट

ब्रोकोली, पालक, बटर, बादाम,सेब, ब्लूबेरी, ओट्स और अंडे (उबले या ऑमलेट)

लंच

टूना मछली, सब्ज़ियों का सलाद, फल और ग्रील्ड चिकन के साथ पालक

डिनर

रात के खाने में रूटी वेजिटेब्लस का काफी अगम हिस्सा होता है। इसमें, गाजर या शकरकंद जैसी सब्ज़ियों को शामिल किया जाता है। साथ ही चिकन, ब्रोकोली और अखरोट का सेवन भी किया जाता है।

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