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कसरत और डायटिंग ही वो चीज़ें हैं जिनकी मदद से हम वेट लॉस कर पाते हैं। इसीलिए हम हर उस चीज़ को अपनी डायट में शामिल करना चाहते हैं जिनसे वेट लॉस होने की उम्मीद की जाती है। लेकिन ऐसी भी बहुत सी खाने-पीने की चीज़ें हैं जिन्हें हेल्दी तो माना जाता है लेकिन वे वेट लॉस में आपकी मदद नहीं करतीं। ऐसी ही एक चीज़ है फ्रूट जूस।
हो सकता है कि आप फलों के रस या फ्रूट जूस को डायटिंग के समय एक बेहतरीन फूड मानते हों। ज़ाहिर इसकी वजह फलों के वो पोषक तत्व हैं जो इन रसों में रिसकर आ जाते हैं। लेकिन यह सही नहीं हैं। दरअसल डायटिंग में कैलोरी नहीं लेने की सलाह दी जाती है । जबकि बहुत-से लोग फ्रूट जूस इसलिए भी पीते हैं क्योंकि वो कार्बोहाइड्रेट्स नहीं लेना चाहते और जूस की मदद से उन्हें पेट भरने और पोषण पाने में मदद होती है। लेकिन होता इसका उल्टा है।
जी हां जैसा कि लोग मानते आए हैं कि फ्रूट जूस पतले रहने में मदद करते हैं, इसके उलट जूस पीने से आपकी डायटिंग के परिणाम उतने कारगर नहीं होंगे जितना कि आप चाहते हैं।
इसके अलावा फलों में मौजूद नैचुरल शुगर या प्राकृतिक मिठास का प्रभाव फलों का रस निकालने के बाद बदल जाता है। साथ ही फलों से मिलने वाला फाइबर भी जूस निकालते समय फल से अलग हो जाता है। फाइबर बेहतर पाचन और मेटाबॉलिज़्म के लिए बहुत ज़रूरी है। कई बार ताज़ें निकाले फलों का जूस हम पैक करके साथ रखते हैं और बाद में पीते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान फलों के कुछ पोषक तत्व जो हमें जूस के ज़रिए प्राप्त होते हैं, वो भी नष्ट होने लगते हैं। इसीलिए फलों के जूस के आधार पर डायटिंग करने की कोशिश करने वाले लोगों को इसके बारे में थोड़ा विचार करना चाहिए। अपने न्यूट्रिशनिस्ट से अच्छी तरह विचार-विमर्श करके ही आप ऐसी डायट के लिए आगे बढ़ें।