क्या फ्रोज़ेन और कैन्ड वेजिटेबल्स ताज़ी सब्ज़ियों से ज़्यादा पौष्टिक होती हैं?

फ्रोज़ेन मटर से लेकर बर्गर टिक्की और फ्रेंच फ्राइज़ जैसी चीज़ें भारतीय घरों में बहुत ज़्यादा इस्तेमाल की जाती है। लेकिन, बहुत-से लोग ताज़ी फ्रेश सब्ज़ियों की तुलना में इन्हें कम हेल्दी मानते हैं। लेकिन, क्या यह सच है? क्या टिनबंद (कैन्ड) सब्ज़ियों और फ्रोज़ेन फूड सेहत के लिए नुकसानदायक हैं?  और इन दोनों में से किसका सेवन सही है?

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 30, 2020 2:24 AM IST

Frozen Vegetables or Canned Foods: लॉकडाउन (Lockdown) में लोग ऐसी चीज़ों को ज़्यादा स्टोर कर रहे हैं, जो, अधिक समय तक टिक सकें। इसीलिए,  लोग टिनबंद (Tinned Fruits) और फ्रोज़ेन फूड (Frozen Food) को भी काफी अधिक खरीद रहे हैं। फ्रोज़ेन मटर (Frozen Peas) से लेकर बर्गर टिक्की और फ्रेंच फ्राइज़ जैसी चीज़ें भारतीय घरों में बहुत ज़्यादा इस्तेमाल की जाती है। लेकिन, बहुत-से लोग ताज़ी फ्रेश सब्ज़ियों (Fresh Vegetables) की तुलना में इन्हें कम हेल्दी मानते हैं। लेकिन, क्या यह सच है? क्या सचमुच टिनबंद (कैन्ड) सब्ज़ियों (Tinned vegetables) और फ्रोज़ेन फूड सेहत के लिए नुकसानदायक हैं?  और इन दोनों में से किसका सेवन सही है? (Frozen and Canned Vegetables)

टिनबंद और फ्रोज़ेन सब्ज़ियों में से क्या है ज़्यादा हेल्दी? (Frozen Vegetables or Canned Foods):

जैसा कि ताज़ी सब्ज़ियों और फलों को सबसे बेहतर और हेल्दी माना जाता है।  लेकिन,  जैसे ही इन्हें पेड़ की टहनी से तोड़ा जाता है। वैसे-वैसे इनमें से पोषक तत्वों की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसीलिए,  अगर उन्हें तोड़ने के बाद कुछ समय बाद पकाया जाता है, तो हो सकता है कि उनमें से पोषक तत्वों (Nutrition) की मात्रा थोड़ी कम हो जाए।

तोड़े जाने के बाद फल और सब्ज़ियां अपने पोषक तत्वों के इस्तेमाल से अपनी सेल्स को जीवित रखने की कोशिश करती हैं। लेकिन,  विटामिन सी (Vitamin C) जैसे कुछ पोषक तत्व हवा और धूप के सम्पर्क में आने से प्रभावित होते हैं। लेकिन,  जब इन्हें फ्रिज़ में रखा जाता है पोषक तत्वों (Nutrition) के विघटन की यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

जानें फ्रीज़िंग में क्या होता है? (Frozen Vegetables):

2007 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से जुड़े रिसर्चर डेविस ने सब्ज़ियों, फलों और हर्ब्स से जुड़ी कई स्टडीज़ को ध्यान में रखते हुए बयान दिया कि पालक जैसी सब्ज़ियों को अगर कमरे के तापमान पर रखा जाए, तो उनका विटामिन सी 7 दिनों में पूरी तरह खत्म हो जाता है। जबकि,  फ्रिज़ में रखने से यह 7 दिनों में 85 फीसदी कम होता है। जबकि,  सामान्य तापमान पर रखे गाजर से इतनी ही अवधि में केवल 27 फीसदी विटामिन सी कम होता है।

दरअसल, फ्रीज़िग के दौरान ऑक्सिडाइजेशन (oxidisation) की प्रक्रिया रूक जाती है। जिसकी वजह से फ्रीज़र में रखी चीज़ों का रंग बदलने लगता है। (Frozen Vegetables or Canned Foods)

लेकिन, वहीं कमर्शियल स्पीड फ्रीज़िग प्रोसेस में सब्ज़ियों को तोड़ने के बाद कुछ घंटों में ही इसकी फ्रोज़िंग की जाती है। इस दौरान सब्ज़ियों की सफाई के बाद उन्हें बहुत ही तेज़ी से हाई टेम्परेचर पर सुखाया जाता है। इस प्रक्रिया में अतिरिक्त एंजाइम्स निष्क्रिय हो जाते हैं। जिससे,  सब्ज़ियों की रंगत और टेक्स्चर नहीं बदलता। इस प्रक्रिया में पोषक तत्वों का स्तर भी कम होता है। लेकिन, यह खेत से आपकी थाली तक पहुंचने वाली सब्ज़ी की तुलना में बहुत कम पौष्टिक नहीं मानी जा सकती।

कैन्ड या टिनबंद सब्ज़ियों होती हैं कितनी पौष्टिक ?:

जब,  सब्ज़ियों को टिन के डिब्बों में पैक किया जाता है। तो, इन डिब्बों को ज़्यादा मात्रा में हीट दी जाती है। जिससे,  न्यूट्रिशन का नुकसान भी ज़्यादा होता है।  लेकिन,  अलग-अलग सब्ज़ियों से पोषक तत्व कम होने की स्पीड भी अलग होती है। इसके अलावा कैन्ड फूड में शक्कर और नमक को प्रीजर्वेटिव्स के तौर पर काफी अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। जो,  सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

हालांकि,  एक्सपर्ट्स की यह भी राय है कि आप ताज़ी, स्थानीय और मौसमी सब्ज़ियों और फलों का सेवन करें तो वह सबसे बेहतर है। इसी तरह, भोजन पकाते समय संतुलित मात्रा में हेल्दी अनाज और कैन्ड या फ्रोज़ेन सब्ज़ियों को मिला-जुलाकर भी पका सकते हैं। इससे,  आपके न्यूट्रिशन की डेली ज़रूरत पूरी हो जाएगी। लेकिन,  सबसे महत्वपूर्ण है फल और सब्ज़ियों का सेवन करना, जो कि आपकी सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है।

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