Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

सूखी हर्ब्स खानी चाहिए या ताज़ी हर्ब्स?

तो आप समझ नहीं पा रहे कि सूखे पुदीने खाएं या ताज़ा। तो हम बताते हैं?

सूखी हर्ब्स खानी चाहिए या ताज़ी हर्ब्स?

Written by Editorial Team |Updated : May 16, 2018 1:27 PM IST

दवाइयों के तौर पर काम आनेवाली और फायदेमंद हर्ब्स या जड़ी-बूटियां हमें सूखी और ताज़ी, दोनों रूपों में आसानी से मिल जाती हैं। ऐसी अनेक जड़ी-बूटियां हैं जो रोज़ाना हमारे भोजन में इस्तेमाल होती हैं। सूखी जड़ी-बूटियां जहां खाने में सीज़निंग और सजावट के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। तो वहीं हरी-ताज़ी जड़ी-बूटियां चाय बनाने और विभिन्न मिश्रण बनाने के काम आती है। तो क्या आपको भी हो रही है फिक्र कि पुदीने के सूखे पत्ते इस्तेमाल करे या हरे। क्या दोनों का फायदा एक जैसा होता है। कंसल्टेंट डायटिशियन और हेल्द फॉर यू की संस्थापक, श्रेया कट्याल बता रहीं हैं आपकी इसी परेशानी से जुड़ी बातें।   क्या आप जानते हैं कि हर्ब्स से वेटलॉस भी होता है?

1. पोषक तत्व– ताज़ा भोजन करना हमेशा अच्छा होता है। हर जड़ी-बूटी के अपने फायदे होते हैं। तो वहीं कुछ हर्ब्स सूखने के बाद खाने में अधिक स्वादिष्ट लगती हैं। सूखते समय इन जड़ी-बूटियों में से कुछ तत्व नष्ट हो जाते हैं तो वहीं कुछ पोषक तत्व इन हर्ब्स को रखे-रखे ही ख़त्म हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सूखी जड़ी-बूटियां अच्छी नहीं होती। जैसे पुदीने की हरी पत्तियों की बजाय के सूखे पुदीने को अधिक खाया जाता है। लेकिन अदरक जिसमें बहुत-से औषधिय तत्व होते हैं। वात और पित्त प्रकृति वाले लोगों को कच्ची अदरक ही खानी चाहिए। जबकि कफ प्रकृति के लोगों को सूखी अदरक(सोंठ) खानी चाहिए। इन मसालों और हर्ब्स से करें मुहांसों का इलाज

2. एंटीऑक्सिडेंट तत्व – खुशबू (अरोमा) और फ्लेवर के अलावा हर्ब्स में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो भोजन में इन्हें इस्तेमाल करने से आपके शरीर तक पहुंचते हैं। भोजन में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा मापने के लिए ऑक्सिजन रैडिकल अबजॉर्बेंस कैपसिटी (Oxygen Radical Absorbance Capacity (ORAC) मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। अगर सूखी और ताज़ी हर्ब्स में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा समान होती है। इसलिए दोनों को खाना फायदेमंद है।

Also Read

More News

3. स्वाद– सूखी हुई ज़ड़ी-बूटियों का स्वाद और फ्लेवर ताज़ी हर्ब्स की तुलना में थोड़ा फीका होता है। अगर आपको तेज़ गंध या फ्लेवर पसंद नहीं तो आप सूखी हर्ब्स का इस्तेमाल कीजिए। जबकि मध्यम स्तर के स्वाद और गंध के लिए आप सूखी के साथ ताज़ी हर्ब्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. कीमत- हालांकि सूखी जड़ी बूटियां थोड़े अधिक दाम पर बिकती हैं लेकिन समान कीमत पर खरीदी गयीं हरी जड़ी-बूटियों की मात्रा उनके सूखे रूप से अधिक होती है। क्या आपको पता है कि प्रेगनेंसी के दौरान नहीं खानी चाहिए ये 5 हर्ब्स?

1 भाग सूखी जड़ी-बूटियां = 3 भाग ताज़ी जड़ी-बूटियां । जी हां, एक चम्मच सूखी नीम की पत्तियों के लिए तीन चम्मच ताज़ी पत्तियों को सुखाना होगा।

किसका प्रयोग बेहतर ?

• हालांकि सूखी और ताज़ी हरी जड़ी-बूटियां समान रूप से फायदेमंद हैं लेकिन उनकी उपलब्धता और आपके बजट के आधार पर ही आप उन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखी हुई जड़ी-बूटियों की एक बोतल आपको आसानी से सुपर मार्केट और राशन की दुकानों पर मिल जाएगी। सूखी दवाइयों और हर्ब्स को संभालकर रखना आसान होता है और दोनों में ही एंटिऑक्सिडेंट्स होते हैं।

• वे लोग जिन्हें ताज़ी चीजें खाना पसंद है और उन्हें ये चीजें आसानी से मिल भी जाती हैं। उन्हें ताज़ी जड़ी-बूटियां ही खानी चाहिए।

• वैसे भी आपको इस बात की खुशी होनी चाहिए कि आपके पास अपनी पसंद के अनुसार सूखी और ताज़ी हर्ब्स को एकसाथ इस्तेमाल करने का भी ऑप्शन है।

Read this in English.

अनुवादक -Sadhna Tiwari

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

चित्र स्रोत- Shutterstock.

About the Author

... Read More