
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 23, 2022 7:12 PM IST
शरीर को फिट रखने और स्ट्रांग बनाने के लिए एक सही व बैलेंस्ड डाइट होने के साथ-साथ एक्सरसाइज भी जरूरी होती है। फैट से फिट होना हो या फिर चाहिए हो मस्कुलर बॉडी दोनों के लिए ही वर्कआउट जरूरी होता है। लेकिन वर्कआउट करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जिस प्रकार एक्सरसाइज शुरू करने से पहले वार्मअप जरूरी होता है, उसी प्रकार एक्सरसाइज के बाद कूलडाउन प्रोसेस भी जरूरी होती है। इस प्रोसेस का ठीक से पालन न करने से कई बार मसल रिकवरी ठीक से नहीं हो पाती है और इस कारण कुछ लोग अपनी मसल्स को पूरी तरह से बिल्ड नहीं कर पाते हैं। बहुत ही कम लोगों को कूलडाउन प्रोसेस के सही तरीके का पता नहीं होता है, जबकि कुछ लोगों को तो यह तक पता नहीं होता है कि कूलडाउन प्रोसेस क्या है। चलिए जानते हैं क्या है कूलडाउन प्रोसेस और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कूलडाउन एक एक्सरसाइज के बाद एक खास पीरियड है, जिसमें धीरे-धीरे एक्सरसाइज की तीव्रता को कम किया जाता है। कूलडाउन प्रोसेस को आमतौर पर ऐसी एक्सरसाइज के बाद किया जाता है, जिसमें ज्यादा शारीरिक मेहनत की जाती है। कूलडाउन प्रोसेस में शारीरिक मेहनत को धीरे-धीरे कम किया जाता है, जिससे शरीर एक्सरसाइज से आराम अवस्था में आ जाता है।
अचानक से बंद न करें वर्कआउट - अगर आप कोई हाई इंटेंसिटी वर्कआउट कर रहे हैं, तो कभी भी अचानक से न रुकें। उसके लिए धीरे-धीरे इंटेंसिटी को कम करें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। अचानक से बंद करने पर शरीर पूरी तरह से रिकवरी मोड में नहीं जा पाता है।
अच्छे से स्ट्रेचिंग करना - जिस तरह वर्कआउट से पहले बॉडी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज की जाती है, उसी प्रकार एक्सरसाइज के बाद भी स्ट्रेचिंग करना जरूरी होता है। हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के बाद मसल्स को पूरी तरह से रिकवरी देने के लिए उन्हें अच्छे से स्ट्रेच करें।
फोम रोलर का उपयोग करें - एक्सरसाइज के बाद कूलडाउन के आखिरी चरण में फोम रोलर का उपयोग करें। जिन मसल्स की एक्सरसाइज की गई है, उनपर फोम रोलर का उपयोग करें। फोम रोलर की मदद से उन मांसपेशियों को फाइबर को उत्तेजित करने में मदद मिलती है, जिससे अच्छी रिकवरी होती है।
कूलडाउन प्रोसेस को कम समय देना - अगर आप कूलडाउन कर रहे हैं, लेकिन उसमें पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं, तो आपको पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा। हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के बाद कूलडाउन प्रोसेस को कम से कम 10 मिनट तक रखें। इस दौरान इंटेंसिटी को बराबर स्पीड में कम होने दें।
वैसे तो हर हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के बाद कूलडाउन पीरियड जरूरी होता है। लेकिन आमतौर पर रंनिंग, साइक्लिंग, स्विंमिंग और ब्रिस्क वॉक आदि। इसके अलावा कुछ प्रकार की वेट ट्रेनिंग और चेस्ट एक्सरसाइज में भी कूलडाउन की आवश्यकता पड़ सकती है। किस एक्सरसाइज के बाद कितनी देर कूलडाउन करना चाहिए, इस बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने जिम इंस्ट्रक्टर से संपर्क कर सकते हैं।