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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 1:51 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
बच्चे हो या बड़े सबको नाश्ते में अंडे खाना बहुत पसंद होता है। वैसे भी अंडे प्रोटीन के सबसे अच्छे स्रोत माने जाते हैं और इनसे मिलने वाला कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इन्हें खाना, पकाना, या स्टोर करना सब कुछ बहुत आसान होता है। वैसे तो अधिकतर लोग सामान्य रूप से बाज़ार में उपलब्ध सफ़ेद अंडे ही खाते हैं लेकिन कुछ लोग सिर्फ देसी अंडे( Brown Eggs) ही खाते हैं, उन लोगों का मानना है कि देसी अंडे, सफ़ेद अंडो की तुलना में बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं। हमने दोनों तरह के अंडो में पाए जाने वाले अंतर के बारे में अपने एक्सपर्ट से विस्तार से बात की।
अंडो के रंग से पहचानें: देसी और साधारण अंडे को पहचानने का सबसे आसान तरीका उनका रंग होता है। जहाँ वाइट एग्स बिल्कुल ही सफ़ेद रंग के होते हैं वहीँ देसी अंडे थोड़े मटमैले या भूरे रंग के होते हैं। लोग देसी अंडो को ज्यादा गुणकारी समझते हैं इसलिये बाज़ार में इनकी कीमत साधारण अंडों की तुलना में काफी ज्यादा होती है।
आर्टिफिशियल ब्रीडिंग: न्यूट्रीशिनिस्ट डॉ. नेहा संवाल्का बताती हैं कि देसी अंडे स्वाभाविक रूप से विकसित हुए होते हैं। इन्हें सीधे मुर्गियों से प्राप्त किया जाता है और इनमें किसी भी तरह का आर्टिफिशियल हार्मोन और दवाइयों का इंजेक्शन नहीं दिया जाता है। वहीँ दूसरी तरफ पोल्ट्री में पल रहे मुर्गियों में ऐसे कई तरह के दवाइयों और हार्मोन का इंजेक्शन दिया जाता है जिससे वे ज्यादा से ज्यादा अंडे दें। इसलिये देसी अंडे ज्यादा फायदेमंद होते हैं, हालांकि डॉ संवाल्का बताती हैं कि आप बाज़ार में मिलने वाले देसी अंडो पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकते हैं क्योंकि अधिकतर जगहों पर देखा गया है कि लोग अंडो को ब्राउन कलर का बना के उसे बाज़ार में बेचने लगते हैं। पढ़ें: जाने, क्यों रोज अंडा खाने से पेट की चर्बी जल्दी कम होती है
पोषक तत्वों की मात्रा : दोनो तरह के अंडो से मिलने वाले पोषक तत्वों में सिर्फ 10-15% का ही अंतर होता है। ब्राउन एग या देसी अंडे सिर्फ केमिकल और कृत्रिम हार्मोन की अनुपस्थिति के कारण ही ज्यादा हेल्दी होते हैं अन्यथा इसके अलावा देखा जाये तो दोनों सामान रूप से फायदेमंद होते हैं।
क्या सिर्फ सफ़ेद या साधारण अंडों को खाना नुकसानदायक होता है ?
सफ़ेद अंडों के नियमित सेवन से आपको किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। भले ही इन मुर्गियों में आर्टिफिशियल हार्मोन के इंजेक्शन दिए गये हों लेकिन यदि आप अंडो का सीमित मात्रा में सेवन करते हैं तो ये हार्मोन आपको किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। जबकि अगर आप काफी लम्बे समय तक आवश्यकता से अधिक मात्रा में इन अंडो का सेवन करते हैं तो हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
चित्र स्रोत: Shutterstock