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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:15 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
रेड मीट मेरे खानपान का एक ज़रूरी हिस्सा है, लेकिन लोग मुझे इसे खाने के लिए मना करते हैं क्योंकि उनके हिसाब से ये हेल्दी नहीं है। क्या सच में रेड मीट हेल्दी नहीं है? क्या मुझे रेड मीट खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए या कभी-कभी खाना चाहिए?
रेड मीट (मटन, पोर्क, बीफ और लैंब) में सैचुरेटिड फैट और कॉलेस्ट्रॉल काफी अधिक होते हैं। उनमें सोडियम ज़्यादा होता है जिससे आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। रेड मीट से दिल की बीमारियों, मोटापे और गाउट का जोखिम बढ़ जाता है। तो क्या रेड मीट खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए?
डायटिशियन नेहा चांदना रेड मीट खाना बंद करने की सलाह नहीं देती। उनके अनुसार, अगर आप रेड मीट को अनाज, बीज और सब्ज़ियों के साथ मिलाकर लेंगे तो खानपान संतुलित होगा। रेड मीट में आयरन, ज़िंक, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं। जहां तक बात रही कि रेड मीट कब-कब खाया जा सकता है तो इस पर नेहा कहती हैं कि आपको रेड मीट रोज़ नहीं खाना चाहिए। सही तरीका ये है कि आप रेड मीट को सप्ताह में एक या दो बार ही खाएं। (ये भी पढ़ें - रेड मीट से फायदा या नुकसान?)
दूसरी तरफ, मुंबई की डायटीशियन दीपशिखा अग्रवाल का मानना है कि रेड मीट खाना बिल्कुल छोड़ देना चाहिए। वो कहती हैं, ‘रेड मीट को स्वस्थ खानपान का हिस्सा नहीं माना जाता। इसे पकाने में बहुत अधिक तेल का इस्तेमाल होता है। साथ ही, इसमें ऐसे टॉक्सिन्स होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।’
अगर आप रेड मीट खाना नहीं छोड़ना चाहते तो कोशिश करें कि ऑर्गैनिक मीट खाएं। घास खाने वाले पशुओं के मीट में सैचुरेटिड फैट कम होता है और ओमेगा-3 फैटी एसिड ज्यादा होता है।
चित्र स्रोत - Shutterstock