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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:13 PM IST
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अनुवादक -Mousumi Dutta
मुझे ये जानना है कि खाना बनाने के लिए सरसों का तेल या मूंगफली के तेल, कौन-से तेल का इस्तेमाल करना सेहत के नजरिये से अच्छा होता है? क्या एक ही तेल में हमेशा खाना पकाना अच्छा होता है?
आहार विशेषज्ञ नेहा चांदना के अनुसार दोनों तेल ही सेहत के नजरिये से हेल्दी है लेकिन सरसों के तेल का इसका इस्तेमाल ज्यादा करना ठीक नहीं है। क्योंकि इसमें यूरोसिस एसिड (erucic acid) होता है जो शरीर में टॉक्सिक की मात्रा को बढ़ाता है। सच बात तो ये हैं आप खाना बनाने के लिए हमेशा हर एक-दो महीने के बाद खाना बनाने का तेल बदलते रहिये। इससे आप तेल को हेल्दी तरीके से बिना किसी साइड इफेक्ट के इस्तेमाल कर सकते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि किस तेल में पूरी तलना अच्छा होता है?
वैसे तो भारतीय ज्यादातर पकवान तेज आंच में ही पकाया जाता है जहां तेल का स्मिोकिंग प्वाइंट हाई रहता है। हाई स्मोकिंग प्वाइंट हाई होने के कारण ये टूटता नहीं है। सनफ्लावर, सोयाबीन, राईस ब्रान, मूंगफली, तिल, सरसों और कैनॉला ऑयल जैसे तेलों में हाई स्मोकिंग प्वाइंट होता है। सिर्फ ऑलिव ऑयल का स्मोकिंग प्वाइंट लो होने के कारण ये सलाद बनाने या सौते (sautéing) करने के लिए अच्छा होता है। पढ़े- क्या बीमार कर सकता है कढ़ाई में बचे तेल का बार-बार इस्तेमाल?
दो तेलों को मिलाने का तरीका
राईस ब्रान और ऑलिव ऑयल तथा राईस ब्रान और सनफ्लावर को मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। या तो आप दो तेलों को मिलाकर इसका इस्तेमाल करें या दो महीने में एक बार तेल को बदलें। इस तरह आप हेल्दी तरीके से खाना पका पायेंगे।
चित्र स्रोत- Shutterstock