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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
मैं एक गृहिणी हूं। हाल ही में जब मैं शॉपिंग के लिए गई थी, तो मैंने दो महिलाओं को आलू के बारे में बात करते हुए सुना। उसमें से एक महिला कह रही थी कि अंकुरित आलू खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि दूसरी महिला कह रही थी कि आलू को अंकुर हटाकर बनाकर खाने से कुछ नहीं होता है। क्या हम अंकुरित आलू खा सकते हैं? पढ़ें- आलू खाने के पाँच स्वास्थ्यवर्द्धक कारण
इस सवाल का जवाब अहमदाबाद की डायटीशन एंड न्यूट्रिनिश्ट डॉक्टर स्वाति दवे दे रही हैं।
अंकुरित आलू खाना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। अंकुरित होने का मतलब ये है कि सब्जी एक रसायनिक प्रतिक्रिया से गुजर रही है। ऐसे में ऐसी सब्ज़ी के सेवन से स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। आलू के गड्ढों वाले हिस्सों से अंकुर निकलना शुरु होता है। अंकुरित होने पर आलू में पाये जाने वाला कार्बोहाड्रेट 'स्टार्च' (starch) शुगर में बदलने लगते है, जिस वजह से आलू काफी नरम हो जाता है। ये प्रक्रिया सोलानिन (solanine) और अलफा-कैकोनिन (alpha-chaconine) नामक दो एल्कलॉइड के उत्पादन का कारण बनती है। सैलोनिन को विषाक्त माना जाता है। इसलिए हल्के हरे रंग के आलू भी नहीं खाने चाहिए। आलू बनाने से पहले हरे रंग के हिस्से को काटकर अलग कर देना चाहिए। हरे रंग का आलू खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या भी हो सकती है। अगर पैदावार के समय से आलू अंकुरित है, तो अंकुर हटाकर उसे खाया जा सकता है। अध्ययन के अनुसार, इस दौरान सब्ज़ी में अधिकांश पोषक तत्व होते हैं। लेकिन अगर आलू काफी दिनों से रखा हुआ है और वो सिकुड़ गया है या उसमें झुर्रियां पड़ गई हैं, तो उसे फेंकना ही बेहतर उपाय है।
आलू को अंकुरित होने से बचाने के कुछ आसान उपाय
चित्र स्रोत - Shutterstock