... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
पाद प्रसार पश्चिमोत्तनासन हिप ओपनिंग योगासनों के समूह की मुद्रा है। हिप ओपनिंग एक्सरसाइजेस हिप्स की लचकता बढ़ाने और शरीर के निचले हिस्से को टोनअप करने के लिए जानी जाती हैं। प्रेगनेंसी के बाद आपको अपने एक्सरसाइज़ रूटीन पर लौटना एक चुनौतिपूर्ण काम लगता है। लेकिन योग की मदद से आप न केवल अपनी बॉडी को टोनअप कर सकती हैं बल्कि शरीर का लचीलापन भी बढ़ा सकती हैं। यह योगासन आपके पेट और पेल्विक एरिया के अंगों पर प्रभाव डालता है वह भी पीठ पर बहुत अधिक दबाव बनाए बिना। योग एक्सपर्ट महुआ देब बता रही हैं पाद प्रसार पश्चिमोत्तनासन के अभ्यास की सही तकनीक और इसके फायदे।
पाद प्रसार पश्चिमोत्तनासन के अभ्यास से पहले आप जिन योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं वह है बद्धकोणासन, भरद्वाजासन, गोमुखासन और अर्ध मत्स्येन्द्रासन।
पाद प्रसार पश्चिमोत्तनासन के अभ्यास का तरीका-
1. ज़मीन पर बैठें समस्ती मुद्रा में बैठें।
2. जितना हो सके पैरों को उतना फैलाएं।
3. सांस खींचते हुए अपनी दोनों भुजाओं को ऊपर उठाते हुए सर के ऊपर ले जाएं और गर्दन-गले को सीधा रखें।
4. सांस छोड़ते हुए पैर के अंगूठों को छूने की कोशिश करें।
5. शरीर के ऊपरी हिस्से को ज़मीन के पास ले आएं, विशेषकर छाती से ज़मीन को छूने की कोशिश करें। गर्दन को मोड़े बगैर सर झुकाने की कोशिश न करें। अगर छाती ज़मीन को छू लेती है, तो सर भी ज़मीन पर धीरे-धीरे पहुंच ही जाएगा।
6. इसका कुछ हफ्तों तक बार-बार अभ्यास करते रहें ताकि आपका माथा ज़मीन को छूने में कामयाब रहे।
7. अंतिम मुद्रा में, पैर और भुजाएं सीधी रखें, शरीर के ऊपरी हिस्से को जितना हो सके ज़मीन के उतना पास ले जाएं और माथे से ज़मीन छूने की कोशिश करें।
8. इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें और सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को ऊपर की ओर ले जाएं।
9. भुजाओं को जांघों पर रखें और पैरों को शुरुआत की स्थिति में लाते हुए अभ्यास पूरा करें।
फायदे-
1. बेली फैट घटाता है।
2. कमर के भीतरी हिस्सों मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है।
3. पेट और पेल्विक एरिया के अंग उत्तेजित होते हैं और पाचनतंत्र से जुड़ी परेशानियां खत्म होती हैं।
4. रीढ़ का लचीलापन बढ़ता है।
5. नियमित अभ्यास नपुंसकता का इलाज करता है और यौन शक्ति बढ़ा सकते हैं।
6. पीरियड साइकल को संतुलित बनाता है और डिलिवरी के बाद महिलाओं के लिए के पेट और पेल्विक एरिया के अंगों को टोन करता है।
7. मन को शांत करता है चिंता, क्रोध और चिड़चिड़ापन कम करता है।
8. बढ़ती हुए बच्चे इस आसन का अभ्यास ऊंचाई बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।
इस आसन का अभ्यास किसे नहीं करना चाहिए-
ऐसे लोग जो अस्थमा या पीठ में चोट से पीड़ित हैं उन्हें इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। इसी तरह पाद प्रसार पश्चिमोत्तनासन का अभ्यास पश्चिमोत्तासन में पारंगत होने के बाद करना चाहिए।
Read this in English.
अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Mahua Deb