इन 5 कारणों से आपको घर में नहीं करना चाहिए योगाभ्यास

जब आप किसी की देखरेख में योगाभ्यास करती हैं तो ट्रेनर आपका मार्गदर्शन करता है।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 17, 2017 3:40 PM IST

हम में से बहुत से लोग ऑनलाइन विडियो देखकर घर पर ही योग करना पसंद करते हैं। लेकिन एक अनुभवी योगी होने के कारण मैं आपको यह बताना चाहूंगी कि मुझे अब भी घर पर योग करने की बजाय किसी ट्रेनर या योग एक्सपर्ट की देखरेख में योग करना पसंद आता है। हाल ही में मैं द योगा हाउस, मुंबई गयी जहां मैंने योगाभ्यास का एक अलग ही अनुभव किया और मैं इसीलिए सबको सलाह दूंगी कि वह घर में योगाभ्यास करने की बजाय किसी योग एक्सपर्ट के साथ योग करें। अब अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसा क्यों तो ये रहे 5 कारण-

1. बेहतर फोकस- आप जब घर में योगाभ्यास करते हैं तो जिस चीज़ की कमी सबसे ज़्यादा महसूस होती है वह है फोकस। जब आप सुबह सो कर उठते हैं, अपनी योगा मैट उठाते हैं और अचानक से आपकी नज़र पड़ती है घड़ी पर, थोड़ी देर में दूधवाला, कामवाली और बच्चे की ट्यूशन टीचर के आने का वक़्त होगा और बार-बार आपको दरवाज़ा खोलने के लिए उठना होगा। बस यही सब बातें आपका ध्यान भटकाती रहेंगी और आपको योगाभ्यास करने में परेशानी होगी।

2. प्रोत्साहन- जब आपका टीचर या दोस्त आपको कहता है कि आप अच्छा कर सकते हैं या अच्छा कर रहे हैं तो आपका मनोबल बढ़ता है। लेकिन जब आप घर में योगाभ्यास करेंगे तो भला आपको कैसे पता चलेगा कि आप सही मुद्रा में खड़े हैं या नहीं। जबकि आप जब ग्रुप में योग करेंगे तो आप अपने साथ के लोगों को देखकर, अपने ट्रेनर से पूछकर सही तरीके और अधिक समय तक किसी मुद्रा का अभ्यास कर सकेंगे।

3. सीखना- क्लास से पहले, क्लास के दौरान और बाद में भी आप अपने ट्रेनर से आवश्यक बातें पूछ सकते हैं। यही नहीं चोट लगने या किसी शारीरिक तकलीफ से बचने के लिए आवश्यक उपायों के बारे में एक प्रशिक्षित योग ट्रेनर से ही जानकारी मिल सकती है। आपका ट्रेनर आपकी क्षमता और ज़रूरतों के अनुसार आपके शेड्यूल में बदलाव कर सकता है। अगर आप ऑनलाइन वीडियो देखकर योग करते रहेंगे तो हो सकता है कि आपको अपनी परेशानियों का हल न मिल सके।

4. मुद्रा- जब तक आपके घर में ढेर सारे शीशे न लगे हों तब तक आपके लिए यह जानना मुश्किल होगा कि क्या आप सही मुद्रा में हैं? और उसे सही कैसे करना है। जबकि योग क्लास में, योग टीचर न केवल आपकी गतिविधियों पर ध्यान देगा बल्कि वह आपकी मुद्रा में सुधार के लिए भी सलाह देगा।

5. मार्गदर्शन- जब आप किसी योगासन के बाद किसी दूसरे योगासन का अभ्यास करती हैं तो आपको पता नहीं होता कि क्या वह क्रम सही है। उस मुद्रा का अभ्यास और देर तक उसमें टिके रहना भी आपके लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन जब आप किसी की देखरेख में योगाभ्यास करती हैं तो ट्रेनर आपका मार्गदर्शन करता है। वह आपको कठिन से कठिन योगासन को इस तरीके से करने सिखाएगा कि आपको आसानी होगी। जैसे शीर्षासन करने से पहले वह आपको कुछ देर स्ट्रेचिंग करने के लिए कहेगा।

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अनुवादक-Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत- Shutterstock.

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