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Written By: Editorial Team | Published : January 18, 2017 2:29 PM IST
स्क्वैट्स कुछ लोगों को पसंद होते हैं तो कुछ को नहीं, लेकिन इनके फायदे सबको पता हैं। वर्कआउट में स्क्वैट्स की अहमियत सब समझते हैं, क्योंकि सरल होने के साथ-साथ ये काफी प्रभावशाली होते हैं। इस स्क्वैट्स से आपके शरीर के निचले हिस्से के सभी अंगों जैसे ग्लट्स, क्वैड्स, हैमस्ट्रिंग, पीठ का निचला हिस्सा और पिंडलियों का वर्कआउट होता है। ये संतुलन गड़बड़ाने की वजह से होनेवाली दुर्घटनाओं को रोकते हैं और संतुलन में सुधार भी करते हैं। तो अगर साधारण एक्सरसाइज़ से बोर हो चुके हैं या अभी-अभी स्क्वैट्स शुरु किया तो आपको अपने वर्कआउट में शामिल करनी चाहिए यह वेरिएशन जिसकी सलाह दे रहे हैं गोल्ड्स जिम इंडिया के फिटनेस एक्सपर्ट, सागर पेडणेकर।
गॉब्लेट स्क्वैट्स के फायदे?
गॉब्लेट स्क्वैट्स में केवल डम्बल या केटलबॉल की ज़रूरत होती है। इसलिए आप इसका अभ्यास घर में या जिम में भी कर सकते हैं। स्क्वैट्स का यह तरीका आपकी जांघों और हिप्स पर प्रभाव डालता है और आपका मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ाता है। इसलिए अगर आप वर्कआउट की मदद से मेटाबॉलिज़्म बढ़ाना चाहते हैं तो स्क्वैट्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।
यही नहीं, यह आपके शरीर के कोर को मज़बूत बनाता है और साथ ही हिप्स और पीठ के मसल्स को भी मज़बूती देता है। इसका कई बार अभ्यास करने से आपकी हार्ट बीट या दिल की धड़कन भी बढ़ती है और आपकी कैलोरीज़ भी बर्न होती हैं। जब आप इस एक्सरसाइज़ का अभ्यास करते हैं तो, आपकी छाती, कंधों और कोर को टाइट रखें। आपको केवल आपके शरीर के निचले हिस्से और हिप्स से ही गतिविधियां करनी हैं।
गॉब्लेट स्क्वैट्स के अभ्यास का तरीका-
• डम्बल को पकड़कर हाथ अपनी छाती के सामने रखें और पैरों को आरामदायक स्थिति में रखते हुए खड़े हो जाएं।
• अपने घुटनों को मोड़ते हुए अपने हिप्स को नीचे ले जाएं ताकि आप स्क्वैट की मुद्रा में बैठ सकें। जब आप अपने घुटने मोड़ते हैं तो, आपकी कोहनियां आपके घुटनों के पास होनी चाहिए।
• अपने शरीर को पीछे ले जाएं। इस तरह इस एक्सरसाइज का एक रिपिटेशन हो जाएगा।
• एक्सरसाइज़ को 15 बार दोहराते हुए 2 सेट में इसका अभ्यास करें।
टिप- अगर आप एक्सरसाइज़ को थोड़ा और कठिन बनाना चाहते हैं, तो आप डम्बल या केटलबॉल का वज़न बढ़ा सकते हैं।
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अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत- Getty Images.